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चंद्रमा की ओर बढ़ेगी बेटियों की उड़ान, ‘शक्तिसैट’ मिशन में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक सहभागिता

चंद्रमा की ओर बढ़ेगी बेटियों की उड़ान, ‘शक्तिसैट’ मिशन में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक सहभागिता

ग्रेटर नोएडा । गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू), ने अंतरिक्ष विज्ञान, नवाचार एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व के पहले अंतरराष्ट्रीय ऑल-गर्ल्स लूनर मिशन ‘शक्तिसैट से सहभागिता स्थापित की है। इस ऐतिहासिक मिशन में विश्वविद्यालय ने एक प्रमुख शैक्षणिक एवं संस्थागत भागीदार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह महत्वाकांक्षी मिशन एयरोस्पेस संस्था स्पेस किड्ज इंडिया तथा भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के नियामक एवं प्रोत्साहन संस्थान इन- स्पेस ( भारतीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र ) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। मिशन का उद्देश्य विश्व के 108 देशों की 12,000 छात्राओं को उपग्रह निर्माण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, नवाचार एवं वैज्ञानिक सहयोग से जोड़ना है। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय इस मिशन के अंतर्गत अनुसंधान, नवाचार, अंतःविषय शिक्षण तथा वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय सहयोग प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व एवं संरक्षण को इस ऐतिहासिक साझेदारी की सफलता का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा,

“शक्तिसैट मिशन से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का जुड़ना हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। यह केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, वैज्ञानिक सोच और वैश्विक सहयोग का एक प्रेरणादायी अभियान है। हमारा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह साझेदारी हमारे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने, नवाचार करने और भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में योगदान देने का अवसर प्रदान करेगी।”

विश्वविद्यालय के योजना एवं अनुसंधान अधिष्ठाता प्रो. धनलक्ष्मी एवं अधिष्ठाता एकेडमिक्स प्रो. राजीव वार्ष्णेय के योगदान की भी सराहनीय रहा । इन शिक्षाविदों के मार्गदर्शन ने वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करते हुए इस साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाया है। गौरतलब है कि मिशन शक्तिसैट विश्व की सबसे बड़ी युवा-नेतृत्व वाली एयरोस्पेस पहलों में से एक बन चुका है। मिशन का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब यह उपग्रह विकास, पेलोड एकीकरण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं प्रक्षेपण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से न केवल विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, बल्कि छात्रों एवं शोधार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, स्टेम शिक्षा, नवाचार एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाओं में भागीदारी के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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