जेवर के विकास के बीच जलभराव पर सियासत, विधायक धीरेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को दिए स्थायी समाधान के निर्देश
जेवर के विकास के बीच जलभराव पर सियासत, विधायक धीरेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को दिए स्थायी समाधान के निर्देश

जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास पार्किंग क्षेत्र में बारिश के बाद हुए जलभराव का जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल निकासी व्यवस्था की जानकारी ली और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान विधायक ने कहा कि जलभराव जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जहां भी जल निकासी व्यवस्था में कमी है, उसे तत्काल चिन्हित कर दूर किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।धीरेन्द्र सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें जेवर का अभूतपूर्व विकास दिखाई नहीं देता, उन्हें केवल गड्ढे और जलभराव नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जेवर की पहचान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और रोजगार के बढ़ते अवसरों के कारण देश-दुनिया में बन रही है।विधायक ने कहा कि एक समय जेवर क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से काफी पीछे था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यहां बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने जेवर को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों में शामिल कर दिया है।उन्होंने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में एयरपोर्ट की परियोजना वर्षों तक कागजों और चर्चाओं तक सीमित रही, वही लोग आज बारिश के पानी को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।धीरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ स्थानीय समस्याओं का समाधान भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले स्थानों का तकनीकी निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए।उन्होंने कहा, “विपक्ष तस्वीरों में गड्ढे खोजता रहे, हम जेवर में विकास की नई इबारत लिखते रहेंगे। कमी जहां होगी, उसे ठीक कराया जाएगा, लेकिन कुछ समय के जलभराव को जेवर के ऐतिहासिक विकास पर पर्दा डालने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।”




