27 वर्षीय गर्भवती महिला के दिल की जटिल बीमारी का यथार्थ अस्पताल में सफल इलाज
27 वर्षीय गर्भवती महिला के दिल की जटिल बीमारी का यथार्थ अस्पताल में सफल इलाज
7.9 सेमी के एओर्टिक एन्यूरिज्म और गंभीर वाल्व की समस्या का सफल ऑपरेशन, मां और नवजात दोनों सुरक्षित

ग्रेटर नोएडा। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 27 वर्षीय गर्भवती महिला के दिल की बेहद जटिल बीमारी का सफल इलाज किया गया। महिला की एओर्टा यानी दिल से निकलने वाली मुख्य रक्त नली में करीब 7.9 सेंटीमीटर का बड़ा एन्यूरिज्म था। इसके साथ ही एओर्टिक वाल्व के गंभीर रूप से खराब होने के कारण रक्त वापस दिल की ओर जा रहा था।
मरीज 37 सप्ताह की गर्भवती थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्डियक, स्त्री एवं प्रसूति सहित विभिन्न विशेषज्ञ टीमों ने मिलकर इलाज की रणनीति तैयार की। डॉक्टरों ने पहले 23 जुलाई 2026 को सीजेरियन डिलीवरी कराई। इसके अगले दिन 24 जुलाई को जटिल हृदय सर्जरी की गई।
कार्डियक सर्जरी के दौरान बैंटल प्रोसीजर किया गया, जिसमें खराब एओर्टिक वाल्व को कृत्रिम वाल्व से बदला गया और फैली हुई एओर्टा के हिस्से को ग्राफ्ट से बदला गया। मरीज में 23-mm On-X एओर्टिक वाल्व और 24-mm ग्राफ्ट लगाया गया तथा कोरोनरी धमनियों को भी नए ग्राफ्ट से जोड़ा गया।सर्जरी के बाद मरीज को कुछ समय तक वेंटिलेटर और विशेषज्ञ निगरानी की जरूरत पड़ी। उपचार के बाद उनकी हालत में लगातार सुधार हुआ और 25 जुलाई को उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया। इसके बाद स्थिति स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. नीलम बनर्जी और डॉ. सुनील कुमार बालियान ने बताया कि गर्भावस्था के अंतिम चरण में इतनी गंभीर हृदय संबंधी समस्या का इलाज चुनौतीपूर्ण था। विभिन्न विशेषज्ञ टीमों के समन्वय से पहले सुरक्षित डिलीवरी और फिर हृदय की जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।डॉक्टरों ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान लगातार सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह गंभीर जटिलताओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।




