एक्यूरेट ग्रुप में इंजीनियर्स डे पर विद्यार्थियों ने AI आधारित स्मार्ट सिटी मॉडल किए प्रस्तुत। 250 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
एक्यूरेट ग्रुप में इंजीनियर्स डे पर विद्यार्थियों ने AI आधारित स्मार्ट सिटी मॉडल किए प्रस्तुत
250 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित

ग्रेटर नोएडा, 15 सितंबर। एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर्स डे के अवसर पर विशेष कार्यशाला एवं प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अनुसंधान, नवाचार और स्मार्ट सिटी रहा। इसमें करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लेकर भविष्य के स्मार्ट, सुरक्षित, स्वच्छ, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित शहरों से जुड़े अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों ने एआई के माध्यम से यातायात प्रबंधन, स्मार्ट सुरक्षा, ऊर्जा प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल और शहरी सेवाओं को बेहतर बनाने से संबंधित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. सुनील मिश्रा ने कहा कि इंजीनियर विकसित राष्ट्र की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। अनुसंधान और नवाचार केवल तकनीकी विकास के साधन नहीं, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी प्रगति के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. एस.एल. राजपूत ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को समस्या समाधानकर्ता, शोधकर्ता और नवप्रवर्तक के रूप में आगे बढ़ना चाहिए।
डीन इंजीनियरिंग डॉ. अभिषेक सक्सेना ने एआई के अनुसंधान एवं विकास में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन त्यागी ने विद्यार्थियों से आसपास की समस्याओं को पहचानकर तकनीकी ज्ञान के माध्यम से उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने का आह्वान किया।
एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की चेयरपर्सन सुश्री पूनम शर्मा ने सभी इंजीनियरों और विद्यार्थियों को इंजीनियर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के युवा इंजीनियर देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रयोग करने और अनुसंधान के प्रति जिज्ञासु बने रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों के रचनात्मक विचार, तकनीकी समझ, प्रस्तुतीकरण और समस्या समाधान क्षमता का मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर ज़ैदी, प्रोफेसर तरुण सहित अन्य प्रोफेसर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संदेश रहा—“अनुसंधान से ज्ञान, नवाचार से समाधान और तकनीक से राष्ट्र निर्माण।”
इस अवसर पर स्मार्ट सिटी निर्माण की दिशा में देश में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि नई पीढ़ी के भावी इंजीनियर इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर संस्थान और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकते हैं।




