अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज में युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित
काउंसलिंग, जीवन-कौशल और करियर मार्गदर्शन के जरिए विद्यार्थियों को सफलता की राह दिखाई

दनकौर,एम। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर में मेटी-मेंटर एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में “काउंसलिंग, जीवन-कौशल एवं करियर मार्गदर्शन के माध्यम से युवा सशक्तिकरण” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर निर्माण, जीवन-कौशल, तनाव प्रबंधन, डिजिटल जागरूकता, वित्तीय साक्षरता और सही निर्णय लेने के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उपप्राचार्या एवं IQAC प्रभारी तथा कार्यक्रम संयोजिका डॉ. रश्मि गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन युवाओं के लिए शिक्षा से आगे बढ़कर स्वतंत्र और जिम्मेदार जीवन की ओर जाने का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान सही मार्गदर्शन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मकता को सकारात्मक दिशा दे सकता है।कार्यक्रम में मेटी-मेंटर प्रभारी एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. नाज परवीन ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं, रुचियों, मूल्यों और कौशल को पहचानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, शोध, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी एवं निजी क्षेत्र तथा उद्यमिता सहित विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी।
डॉ. राजीव पांडेय ने करियर चयन के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि करियर का चुनाव मित्रों या सोशल मीडिया के प्रभाव में नहीं, बल्कि अपनी रुचि, योग्यता, क्षमता, उपलब्ध अवसरों और मूल्यों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने और उपलब्ध अवसरों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।
शैक्षणिक मार्गदर्शन के अंतर्गत डॉ. निशा शर्मा ने विद्यार्थियों को “सिर्फ कठिन नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके से पढ़ाई” करने का संदेश दिया। उन्होंने नियमित अध्ययन, पुनरावृत्ति, समय प्रबंधन, कक्षा में सक्रिय सहभागिता और शिक्षकों से मिलने वाले सुझावों के महत्व पर जोर दिया। मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ दिनचर्या, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त विश्राम और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जरूरत पड़ने पर शिक्षक, मेंटर या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से संवाद करने की सलाह दी गई।
डॉ. प्रशांत कन्नौजिया ने जीवन-कौशल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रभावी संवाद, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान, नेतृत्व, विपरीत परिस्थितियों से उबरने की क्षमता और संवेदनशीलता को विद्यार्थी जीवन एवं भविष्य के करियर के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सफलता के साथ व्यक्तित्व विकास भी युवाओं की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और सहभागी बनाने के लिए विद्यार्थियों के साथ विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें ‘मेरी खूबियां’, ‘करियर की कल्पना’, ‘तनाव माप’, ‘स्मार्ट लक्ष्य’ और ‘अपने मेंटर से पूछें’ जैसी गतिविधियां प्रमुख रहीं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को आत्म-मूल्यांकन, लक्ष्य निर्धारण, तनाव की पहचान और भविष्य की योजना बनाने का अवसर मिला। विद्यार्थियों को अपने व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक विकास के लिए 30 दिवसीय युवा सशक्तिकरण योजना तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान खुशी गौर, नाजिश, जानवी, वंशिका, सोनम, रितिका नगर, अमन, अहान शर्मा, ध्रुव और टीना नगर सहित अनेक विद्यार्थियों ने अपने करियर एवं भविष्य से जुड़े सवाल रखे और विशेषज्ञों तथा शिक्षकों के साथ सक्रिय संवाद किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास बनाए रखने, अपनी शिक्षा एवं भविष्य की जिम्मेदारी स्वयं लेने, तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करने, निरंतर सीखते रहने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन “सशक्त युवा, मजबूत राष्ट्र और बेहतर कल” के प्रेरक संदेश के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम विधिवत संपन्न हुआ।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, करियर नियोजन, मानसिक सुदृढ़ता और जीवन-कौशल विकसित करने के साथ उन्हें अपने भविष्य को बेहतर दिशा देने के लिए प्रेरित किया।




