शारदा यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बोइंग बिल्ड 5.0 में जीता राष्ट्रीय खिताब
शारदा यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बोइंग बिल्ड 5.0 में जीता राष्ट्रीय खिताब

ग्रेटर नोएडा। शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस एंड इंजीनियरिंग के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग बैच 2023-27 के छात्रों कार्तिक पांडे और मुस्कान अहलावत ने अपने स्टार्टअप स्टेलएक्स डायनेमिक्स के साथ बोइंग बिल्ड 5.0 में राष्ट्रीय विजेता का खिताब हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के लिए टीम को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
बोइंग बिल्ड 5.0 में देशभर से 7,000 से अधिक स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। स्टेलएक्स डायनेमिक्स का चयन आईआईटी हैदराबाद–टी-हब क्षेत्रीय ग्रिड के माध्यम से हुआ। टीम ने क्षेत्रीय फाइनल में शीर्ष 12 में जगह बनाई और इसके बाद शीर्ष 4 स्टार्टअप्स में चयनित हुई। बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल में देशभर के शीर्ष 28 स्टार्टअप्स के बीच टीम ने राष्ट्रीय विजेताओं में स्थान बनाया।
स्टेलएक्स डायनेमिक्स भारतीय सेना और पुलिस के लिए नई पीढ़ी की स्वायत्त हवाई प्रणालियां (ड्रोन) विकसित कर रहा है। इसके तकनीकी समाधान में कम विलंबता वाली एज कंप्यूटिंग, हल्के कार्बन-फाइबर एयरफ्रेम और कस्टम इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए टीम ने अपने तकनीकी समाधान को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। क्षेत्रीय चयन से लेकर शीर्ष 12, शीर्ष 4 और फिर राष्ट्रीय फाइनल तक पहुंचने की सफलता ने टीम की तकनीकी क्षमता, नवाचार और परियोजना की मजबूती को साबित किया।शारदा यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति पी. के. गुप्ता ने कहा कि बोइंग बिल्ड 5.0 में राष्ट्रीय विजेताओं में शामिल होना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। देशभर के 7,000 से अधिक स्टार्टअप्स के बीच अपने विचार को आगे बढ़ाते हुए शीर्ष 4 तक पहुंचना टीम के लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में छात्रों को अपने तकनीकी समाधान को बेहतर बनाने और उद्योग विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला है। यह जीत उन्हें अपने काम को और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।शारदा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) सिबाराम खारा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की ऐसी उपलब्धियां छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें अपने विचारों को वास्तविक तकनीकी समाधानों में बदलने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कार्तिक और मुस्कान को बधाई देते हुए कहा कि 7,000 से अधिक स्टार्टअप्स के बीच राष्ट्रीय विजेताओं में जगह बनाना उनकी मेहनत, निरंतर सीखने और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी सफलता विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों को भी अपने विचारों और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।
इस सफलता में टीम की मार्गदर्शक डॉ. रानी आस्त्या, एसोसिएट प्रोफेसर, शारदा यूनिवर्सिटी का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा। उनके मार्गदर्शन में टीम ने अपने प्रोजेक्ट की दिशा को बेहतर किया और प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में प्रभावी प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल की।
शारदा यूनिवर्सिटी के छात्रों की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। स्टेलएक्स डायनेमिक्स की यह सफलता युवाओं में तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और देश की सुरक्षा से जुड़े अत्याधुनिक समाधान विकसित करने की क्षमता को भी रेखांकित करती है।




