एनआईईटी ने टोक्यो में एसआईआईईजे 2026 के जरिए भारत-जापान शैक्षणिक सहयोग को दी नई मजबूती
एनआईईटी ने टोक्यो में एसआईआईईजे 2026 के जरिए भारत-जापान शैक्षणिक सहयोग को दी नई मजबूती

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी), ग्रेटर नोएडा ने जापान में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा पर आयोजित ग्रीष्मकालीन संस्थान 2026 (एसआईआईईजे 2026) में सहभागिता कर भारत-जापान के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। कार्यक्रम का आयोजन जापान के टोक्यो स्थित जे.एफ. ओबरलिन विश्वविद्यालय, शिंजुकु परिसर में किया गया।एनआईईटी की ओर से अतिरिक्त प्रबंध निदेशक (एएमडी) डॉ. नीमा अग्रवाल ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं, रोजगार क्षमता और अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा के भविष्य पर आयोजित विशेष परिचर्चा में भाग लिया। इस दौरान भारत-जापान के बढ़ते संबंधों तथा दोनों देशों के बीच शैक्षणिक एवं संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।परिचर्चा के दौरान डॉ. नीमा अग्रवाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी केवल पारंपरिक कक्षा-केंद्रित शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर सीखने, उद्योग से जुड़ने और नए अनुभव हासिल करने के अवसर भी तलाश रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अनुभव, उद्योग से जुड़ाव, विद्यार्थी गतिशीलता और प्रभावी शैक्षणिक साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को ऐसे शैक्षणिक मार्ग तैयार करने की आवश्यकता है, जो विद्यार्थियों को वैश्विक अनुभव देने के साथ-साथ उनकी रोजगार क्षमता, व्यावहारिक कौशल और वास्तविक जीवन की आवश्यकताओं से भी जोड़ें।
इस परिचर्चा में विजया शेखर चेल्लाबोइना, प्रो. कीको इकेदा (कंसाई विश्वविद्यालय) और एड्रियन मटन सहित शिक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े प्रतिष्ठित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के बदलते स्वरूप और भारत-जापान के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार साझा किए।इस अवसर पर डॉ. नीमा अग्रवाल ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केवल वैश्विक अनुभव हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीखने, सहयोग, विद्यार्थी गतिशीलता और रोजगार क्षमता के लिए सार्थक अवसर एवं मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया है। भारत-जापान के मजबूत होते संबंध विद्यार्थियों को वैश्विक अनुभव प्रदान करने और दोनों देशों के संस्थानों के बीच प्रभावी शैक्षणिक जुड़ाव विकसित करने के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।”
एसआईआईईजे 2026 में एनआईईटी की सहभागिता संस्थान की अंतरराष्ट्रीयकरण की रणनीति को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियों, विद्यार्थी आदान-प्रदान, उद्योगोन्मुख शिक्षा और वैश्विक अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।




