130 मीटर रोड पर जाम से उद्यमी परेशान, आईआईए ने स्थायी समाधान की उठाई मांग । तिलपता गोलचक्कर से गौर चौक, दादरी एवं सिरसा की ओर जाने वाले 130 मीटर मार्ग पर लगातार लगता है भीषण जाम
130 मीटर रोड पर जाम से उद्यमी परेशान, आईआईए ने स्थायी समाधान की उठाई मांग
तिलपता गोलचक्कर से गौर चौक, दादरी एवं सिरसा की ओर जाने वाले 130 मीटर मार्ग पर लगातार लगता है भीषण जाम

ग्रेटर नोएडा। तिलपता गोलचक्कर से गौर चौक, दादरी एवं सिरसा की ओर जाने वाले 130 मीटर मार्ग पर लगातार लग रहे भीषण जाम और सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, ग्रेटर नोएडा ने प्रशासन एवं संबंधित प्राधिकरण से स्थायी समाधान की मांग की है।आईआईए ग्रेटर नोएडा चैप्टर के चेयरमैन सरबजीत सिंह ने कहा कि इस मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह करीब एक से डेढ़ फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है और वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से निकलना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पिछले करीब 10 वर्षों से अधूरा पड़ा है। कानूनी एवं वैधानिक प्रक्रिया के कारण सड़क का यह हिस्सा अब तक पूरा नहीं हो पाया है। गौर चौक की ओर जाने वाले अधिकांश वाहन इसी अधूरे हिस्से से होकर गुजरते हैं, जिसके कारण यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है और लंबा जाम लग जाता है।सरबजीत सिंह ने कहा कि पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट के सामने बने ऊपरगामी पुल के खुलने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव और बढ़ गया है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति और अधूरा निर्माण जाम की समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आईआईए ग्रेटर नोएडा पिछले कई वर्षों से सड़क के अधूरे हिस्से, खराब सड़क, यू-टर्न और यातायात व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को विभिन्न मंचों पर प्रशासन एवं संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष लगातार उठाता रहा है। कई बार आश्वासन भी मिले, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है।सरबजीत सिंह ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित कानूनी एवं वैधानिक प्रक्रिया का शीघ्र समाधान कर अधूरे हिस्से का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए तथा पूरी सड़क की मरम्मत कराकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए। उन्होंने कहा कि शाम के समय उद्यमियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को एक से डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ लोगों को मानसिक एवं शारीरिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के लाखों लोगों की सुविधा को देखते हुए इस समस्या का अब स्थायी समाधान किया जाना बेहद जरूरी है।




