द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर हुआ आयोजन
ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के सशक्त आधार हैं शिक्षक: डॉ. गिरीश कुमार वत्स
द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर हुआ आयोजन

दनकौर। द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज, दनकौर में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के ज्ञान, समर्पण, मार्गदर्शन एवं राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल विषयगत ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र, चिंतन और जीवन-दृष्टि को दिशा देने वाले राष्ट्र निर्माता हैं।उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिवस शिक्षकों की भूमिका, अधिकारों, दायित्वों और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति वैश्विक सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवेदनशीलता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी आवश्यक है।
महाविद्यालय की उप-प्राचार्या एवं आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक का प्रभाव कक्षा की सीमाओं से आगे बढ़कर विद्यार्थियों के भविष्य और समाज की दिशा को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रश्मि जहां एवं इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनके योगदान को स्मरण करने का विशेष अवसर है। वहीं डॉ. राजीव पाण्डे ने शिक्षकों से विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों, जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना विकसित करने का आह्वान किया।डॉ. प्रशांत कनौजिया ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के विचार, व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य को दिशा देने का कार्य करते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हैं।कार्यक्रम में अमित नगर, डॉ. रेशा, डॉ. कोकिल अग्रवाल, डॉ. सूर्य प्रताप, डॉ. अजमत आरा, डॉ. नाज परवीन, शशि दहेलिया, डॉ. प्रीति रानी सेन, डॉ. निशा शर्मा, प्रीति शर्मा एवं डॉ. संगीता रावल सहित अन्य प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे। उपस्थित प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के निरंतर समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए शुभकामनाओं के साथ हुआ।




