पीएनजी की बढ़ती कीमतों से एमएसएमई उद्योगों पर बढ़ा दबाव, आईईए ने आईजीएल से कीमत घटाने की मांग की
पीएनजी की बढ़ती कीमतों से एमएसएमई उद्योगों पर बढ़ा दबाव, आईईए ने आईजीएल से कीमत घटाने की मांग की

ग्रेटर नोएडा/गाजियाबाद। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के अधिकारियों से मुलाकात कर प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संगठन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पाइप के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक गैस की कीमत करीब 52 रुपये प्रति मानक घन मीटर से बढ़कर 99 रुपये प्रति मानक घन मीटर तक पहुंच गई है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की उत्पादन लागत पर भारी असर पड़ा है।आईईए अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक गैस की कीमत लगभग दोगुनी होने के बावजूद एमएसएमई अपने उत्पादों की कीमतों में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बढ़ी हुई ऊर्जा लागत का भार ग्राहकों पर डालना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि और अन्य बढ़ती उत्पादन लागतों के बीच गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने उद्योगों के सामने गंभीर आर्थिक चुनौती खड़ी कर दी है।प्रतिनिधिमंडल ने गैस की कीमतों में वृद्धि को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता और पूर्व सूचना नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। आईईए ने कहा कि ऊर्जा लागत में अचानक होने वाली बढ़ोतरी से उद्योगों के लिए उत्पादन, मूल्य निर्धारण और ग्राहकों के साथ किए गए अनुबंधों की प्रभावी योजना बनाना मुश्किल हो जाता है।आईईए ने मांग की कि एमएसएमई क्षेत्र को राहत देने के लिए प्राकृतिक गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि ऊर्जा लागत लगातार बढ़ती रही तो इसका सीधा असर उत्पादन, रोजगार और छोटे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ेगा।
बैठक में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की ओर से अशोक कुमार, महाप्रबंधक, प्राकृतिक गैस विपणन, अर्जुन शुक्ला, उप महाप्रबंधक, विपणन तथा पॉली गेरा, उप महाप्रबंधक, प्राकृतिक गैस विपणन उपस्थित रहे। आईईए प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष संजीव शर्मा के साथ पी.के. तिवारी, अंकित गोयल, महिपाल सिंह और विपुल गर्ग शामिल रहे।




