103वां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला 4 सितंबर से, दंगल में दिखेगा पहलवानों का दमखम। मिट्टी के अखाड़े पर होंगी इस बार कुश्तियाँ
103वां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला 4 सितंबर से, दंगल में दिखेगा पहलवानों का दमखम। मिट्टी के अखाड़े पर होंगी इस बार कुश्तियाँ

दनकौर। गुरु श्री द्रोणाचार्य के पवित्र प्रांगण में श्री द्रोण गुरुकुलशाला समिति के तत्वावधान में 103वां वार्षिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला आयोजित किया जाएगा। इस बारे में हमें श्री द्रोण गौशाला समिति के प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह मेला 4 से 15 सितंबर 2026 तक चलेगा।मेले के दौरान धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दंगल एवं कुश्ती प्रतियोगिताओं का विशेष आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा। 6, 7 और 8 सितंबर को दंगल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें विभिन्न स्थानों से पहलवान पहुंचकर अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे। विजेता पहलवानों को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इस बार कुश्तियाँ मिट्टी के अखाड़े पर होंगी और सभी कुश्तियों का निर्णय चित्त पट्ट के आधार पर होगा।4 सितंबर को श्री द्रोणाचार्य मंदिर में भव्य शोभायात्रा, श्रीकृष्ण भजन एवं कीर्तन का आयोजन होगा। वहीं श्री द्रोण तालाब परिसर में होने वाले कार्यक्रमों में दंगल पहलवानों के मुकाबले और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन होंगे।मेले की रात्रि में श्री द्रोण नाट्य मंडल द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्थानीय कलाकारों के नाटक, भजन तथा अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। आयोजकों ने बताया कि मेले में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, दर्शकों और कुश्ती प्रेमियों के पहुंचने की संभावना है।




