जीएन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम आयोजित
जीएन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम आयोजित
उद्योग विशेषज्ञों ने छात्रों को कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड तकनीक के बदलते दौर के लिए किया तैयार

ग्रेटर नोएडा। जीएन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की इकाई ग्रेटर नोएडा कॉलेज में बीटेक प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित छात्रों के लिए ‘दीक्षारंभ’ अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों को उच्च शिक्षा की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकी शिक्षा, उद्योग जगत की अपेक्षाओं तथा आगामी चार वर्षों के करियर की दिशा से परिचित कराना रहा।कार्यक्रम में भारतीय विश्वविद्यालय संघ की अतिरिक्त सचिव डॉ. ममता रानी अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चुनौती इंजीनियरों की संख्या की नहीं, बल्कि कुशल इंजीनियरों की उपलब्धता की है। उद्योग जगत को ऐसे इंजीनियरों की आवश्यकता है, जिनके पास तकनीकी दक्षता के साथ बेहतर संचार कौशल, टीम भावना, समस्या समाधान की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण हो।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर कहा कि छात्रों को इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता को प्रतिस्पर्धी के बजाय उपयोगी तकनीकी साधन के रूप में अपनाकर अपनी क्षमताओं को और मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में टाटा परामर्श सेवा के आंकड़ा एवं क्लाउड उत्कृष्टता केंद्र के वैश्विक प्रमुख विपिन चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने क्लाउड तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस तकनीक ने वैश्विक स्तर पर व्यापार और कंपनियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। आने वाले समय में डिजिटल व्यवस्था में क्लाउड तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।
एचसीएल की वरिष्ठ विशेषज्ञ पायल त्यागी ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्रों को कॉर्पोरेट क्षेत्र की आवश्यकताओं और रोजगार के बदलते स्वरूप की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीटेक के चार वर्ष केवल डिग्री हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत करियर की नींव तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। छात्रों को प्रथम वर्ष से ही अपने करियर की दिशा तय कर तकनीकी कौशल, परियोजनाओं और उद्योग आधारित प्रशिक्षण पर ध्यान देना चाहिए।कार्यक्रम का स्वागत करते हुए जीएन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के महानिदेशक डॉ. सोमेंद्र शुक्ला ने कहा कि संस्थान छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक प्रयोगशालाओं, तकनीकी संसाधनों और उद्योग केंद्रित प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों की क्षमताओं का विकास किया जा रहा है।संस्थान के अध्यक्ष बी. एल. गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक छात्र एक हीरे के समान है, जिसे उचित शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसरों के माध्यम से तराशकर उसकी प्रतिभा के अनुरूप सही मुकाम तक पहुंचाना संस्थान का उद्देश्य है।
प्रथम वर्ष के अधिष्ठाता डॉ. वाई. एस. यादव ने छात्रों को प्रथम वर्ष की शैक्षणिक रूपरेखा, पाठ्यक्रम, कक्षाओं, शिक्षण पद्धति तथा आगामी शैक्षणिक सत्र की तकनीकी एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी।
प्रबंधन सदस्य दीपक गुप्ता ने प्रतिष्ठित एवं विदेशी संस्थानों के साथ किए जा रहे शैक्षणिक सहयोग की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ऐसे सहयोग से छात्रों को विदेशी संस्थानों के विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा उनसे सीखने के अवसर मिलेंगे।प्रबंधन सदस्य साक्षी गुप्ता ने छात्रों को इंजीनियरिंग क्षेत्र में भविष्य में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। उन्होंने बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को लगातार अद्यतन रखने और मजबूत तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षमताएं विकसित करने की सलाह दी।कार्यक्रम में लंदन स्थित आर्डन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर जया प्रभावती पेरुमल ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुईं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कंप्यूटर इंजीनियरिंग की मजबूत बुनियादी समझ के बीच तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान छात्रों ने उनसे विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में गुणवत्ता आश्वासन एवं शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता डॉ. बी. के. दास ने सभी अतिथियों, छात्रों, अभिभावकों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम ने नवप्रवेशित छात्रों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ उन्हें यह दिशा भी दी कि तकनीकी ज्ञान, कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, उद्योग अनुभव और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से वे आने वाले वर्षों में अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।




