यूपीआईटीएस 4.0 ने चार दिनों में रचा नया कारोबारी अध्याय, ₹5,500 करोड़ के समझौते
यूपीआईटीएस 4.0 ने चार दिनों में रचा नया कारोबारी अध्याय, ₹5,500 करोड़ के समझौते
35,387 बी2बी बैठकें, 3,765 एमओयू और 5.48 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी; अंतिम दिन से पहले ही यूपीआईटीएस ने दर्ज की बड़ी उपलब्धियां

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमियों और औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले प्रमुख कारोबारी मंच के रूप में सामने आया है। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय आयोजन में 28 सितंबर तक ₹5,500 करोड़ के 3,765 व्यापारिक समझौते (एमओयू) दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, देश-विदेश के खरीदारों की ओर से करीब ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ प्राप्त हुई है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के अनुसार, अब तक 35,387 बी2बी बैठकें हुई हैं। इनमें रिवर्स बायर-सेलर मीट (आरबीएसएम) में 11,887 और मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में 23,500 बैठकें शामिल हैं। इन बैठकों के जरिए उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को घरेलू तथा विदेशी खरीदारों के साथ सीधे व्यापारिक संपर्क का अवसर मिला।
5.48 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी
यूपीआईटीएस में कारोबार के साथ जनभागीदारी भी उल्लेखनीय रही। 28 सितंबर तक कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई, जिसमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल रहे। इससे प्रदर्शनी के विभिन्न हॉल में लगातार कारोबारी गतिविधियां बनी रहीं।
यूपीआईटीएस 4.0 में एमएसएमई, ओडीओपी, हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण से जुड़े उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है। आयोजन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को नए बाजारों, खरीदारों और निवेश के अवसरों से जोड़ना है। आधिकारिक आयोजन वेबसाइट भी इसे उत्तर प्रदेश को वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्रित मंच बताती है।
मंत्रियों के सत्रों में उद्योग और रोजगार पर चर्चा
चौथे दिन खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सत्र में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कृषि उत्पादन को खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया। वहीं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय समावेशन, राजकोषीय अनुशासन और पारदर्शी सेवा वितरण से जुड़े विषयों पर विचार रखे।एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने छोटे उद्यमों को वित्त, तकनीक, बाजार और विस्तार के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की सहभागिता में नए श्रम संहिताओं पर कार्यशाला आयोजित हुई, जबकि औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अवसरों पर चर्चा की।
कारोबार के साथ दिखी यूपी की सांस्कृतिक विरासत
यूपीआईटीएस 4.0 में कारोबार और निवेश के साथ उत्तर प्रदेश की कला एवं संस्कृति को भी प्रमुख स्थान मिला। चौथे दिन वाराणसी के पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा की सितार प्रस्तुति, लखनऊ की सबीना सैफी का सुगम संगीत, नोएडा की निशा केसरी की कथक प्रस्तुति और पीलीभीत के राजनेश राणा का थारू जनजातीय नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। सूफी बैंड की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का मन मोहा।
29 सितंबर को यूपीआईटीएस 2026 का अंतिम दिन है। ऐसे में अंतिम दिन व्यापारिक समझौतों, कारोबारी पूछताछ, बी2बी बैठकों और आगंतुकों की संख्या में और बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है। इस वर्ष का आयोजन उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा है।




