अस्पताल से शुरू होगी मेडटेक क्रांति, जिम्स ने लॉन्च की ‘इंडिया डिज़ाइन ’ राष्ट्रीय पहल
अस्पताल से शुरू होगी मेडटेक क्रांति, जिम्स ने लॉन्च की ‘इंडिया डिज़ाइन ’ राष्ट्रीय पहल

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में जिम्स मेडिकल इनोवेशन सेंटर ने मेडटेक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय पहल ‘इंडिया डिज़ाइन ’ की शुरुआत की। जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने जिम्स के स्टॉल पर इस पहल का शुभारंभ किया।यह पहल अमेरिका के हार्वर्ड इनोवेशन लैब्स और वाई कॉम्बिनेटर जैसे इनोवेशन इकोसिस्टम से प्रेरित है, लेकिन इसे भारत की स्वास्थ्य सेवाओं और यहां की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके तहत अस्पतालों को मेडटेक इनोवेशन के केवल परीक्षण स्थल के बजाय नई तकनीक के विकास और क्लीनिकल वैलिडेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
वास्तविक मरीजों और क्लीनिकल समस्याओं से शुरू होगा नवाचार
इंडिया डिज़ाइन के तहत मेडटेक समाधान की शुरुआत किसी वास्तविक क्लीनिकल समस्या की पहचान से होगी। इसके बाद डॉक्टर, अस्पताल, इंजीनियर, शोधकर्ता, उद्योग, नियामक और निवेशक मिलकर समाधान विकसित करेंगे। प्रक्रिया को क्लिनिकल प्रॉब्लम से को -क्रिएशन , डिज़ाइन , प्रोटोटाइप , क्लिनिकल वैलिडेशन , रेगुलेटरी रेडीनेस , मैनुफैक्चरिंग और स्केल तक ले जाने का मॉडल तैयार किया गया है।पहल के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, आईआईटी , एनआईटी , इंजीनियरिंग एवं डिजाइन संस्थानों, शोध संगठनों, स्टार्टअप, उद्योग, नियामक संस्थाओं और निवेशकों को एक साझा राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।जिम्स मेडिकल इनोवेशन सेंटर के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि वैश्विक इनोवेशन इकोसिस्टम से सीख लेते हुए भारत की वास्तविक स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप अपना मॉडल तैयार किया गया है। उनका कहना है कि इंडिया डिज़ाइन का उद्देश्य अस्पताल को केवल तकनीक की टेस्टिंग साइट बनाने के बजाय इनोवेशन की शुरुआत, सह-विकास और क्लीनिकल वैलिडेशन का केंद्र बनाना है।
पहल का मूल उद्देश्य क्लीनिकल समस्या से मरीज तक और भारत की संस्थाओं से वैश्विक स्तर तक मेडटेक समाधानों को पहुंचाने के लिए एक संगठित इकोसिस्टम तैयार करना है।




