यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, 8 हजार हेक्टेयर में बनेगा इंडस्ट्रियल नोड
यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, 8 हजार हेक्टेयर में बनेगा इंडस्ट्रियल नोड
इंटरनेशनल ट्रेड सिटी और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को मिलेगी रफ्तार, किसानों को 3,142 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 93वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास, किसानों, लॉजिस्टिक्स, नागरिक सुविधाओं और कचरा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही यीडा क्षेत्र में इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की पहल को भी गति देने पर जोर दिया गया।बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 सितंबर तक यीडा की कुल प्राप्तियां 4,222.37 करोड़ रुपये रही हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 182.35 प्रतिशत अधिक हैं।
किसानों को 3,142 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर
किसानों से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पात्र किसानों को 7 प्रतिशत भूखंड देने की प्रक्रिया के तहत अब तक 10,069 किसानों को आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 4,978 भूखंडों का नियोजन किया गया है। किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर के तहत करीब 3,142 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
इंडस्ट्रियल नोड से निवेश और रोजगार को बढ़ावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में प्रस्तावित 8 हजार हेक्टेयर के इंडस्ट्रियल नोड के लिए महायोजना तैयार करने को कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया चल रही है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तैयारी
यीडा क्षेत्र में Yiwu International Trade City की तर्ज पर इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की पहल की जा रही है। यहां औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लॉजिस्टिक पार्क और वेस्ट मैनेजमेंट पर भी फैसला
महायोजना-2041 के तहत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने और पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन के जरिए भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। वहीं क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2026 के ड्राफ्ट को गजट नोटिफिकेशन के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है।
औद्योगिक भूखंडों की भी समीक्षा की गई। 4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार के 295 भूखंडों में 181 की लीज डीड, 152 आवंटियों को कब्जा और 69 भूखंडों पर निर्माण शुरू हो चुका है। 13 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है।बैठक में नागरिक सुविधाओं के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए कॉरपस फंड बनाने, भूमि खरीद की नई दरों और लंबित औद्योगिक परियोजनाओं के मामलों का साप्ताहिक आधार पर निस्तारण करने सहित कई अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।




