जीआईएमएस में उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल संस्थानों का पहला सीएमई मान्यता प्राप्त हैंड्स-ऑन एआई कार्यशाला सफलतापूर्वक हुई आयोजित
जीआईएमएस में उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल संस्थानों का पहला सीएमई मान्यता प्राप्त हैंड्स-ऑन एआई कार्यशाला सफलतापूर्वक हुई आयोजित

ग्रेटर नोएडा | गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन एवं जीआईएमएस विद्यासेतु – स्किल, एजुकेशन एवं ट्रेनिंग यूनिट द्वारा चिकित्सकों के लिए एक दिवसीय सीएमई मान्यता प्राप्त हैंड्स-ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों से 100 से अधिक चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट्स, शोधकर्ताओं एवं स्वास्थ्य पेशेवरों ने सहभागिता की।यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज/अस्पताल में आयोजित अपनी तरह की पहली सीएमई मान्यता प्राप्त फिजिकल हैंड्स-ऑन एआई कार्यशाला रही। इस कार्यक्रम को चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 3 सीएमई क्रेडिट आवर्स प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई ) द्वारा एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से किया गया। आयोजन में डॉ. नाज़िया नाज़िर, डॉ. पल्लवी मेहरा, डॉ. समीक्षा खनूजा तथा नेहा (जीआईएमएस विद्यासेतु) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतुल चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त आईएएस) रहे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग भविष्य की आवश्यकता है तथा जीआईएमएस द्वारा इस दिशा में किया गया यह प्रयास पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है।कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता, निदेशक, जीआईएमएस के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एआई चिकित्सा शिक्षा, शोध, रोगी उपचार एवं अस्पताल प्रबंधन में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग सदैव मरीजों के हित, गुणवत्ता, सुरक्षा एवं नैतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए।प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डॉ. राहुल सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ ), सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई ) ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि जीआईएमएस का सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन वर्तमान में 25 से अधिक हेल्थकेयर एवं एआई आधारित स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रहा है तथा एआई स्टार्टअप क्लीनिक के माध्यम से चिकित्सकों और नवाचारकर्ताओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए मंच उपलब्ध करा रहा है।कार्यशाला में देश एवं विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने व्याख्यान एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिए, जिनमें डॉ. अवनीश खरे – एआई इन मेडिसिन विशेषज्ञ एवं सलाहकार, BrainX AI, अमेरिका,डॉ. जयदीप जे. रायपुडी – क्लिनिकल एआई एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ,
अनय पाठक – ग्लोबल एआई ट्रांसफॉर्मेशन लीडर, प्रवेश शुक्ला – एंटरप्राइज एआई गवर्नेंस एवं आईटी इनोवेशन विशेषज्ञ शामिल हुए।कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई, एजेंटिक एआई, क्लिनिकल डॉक्यूमेंटेशन, चिकित्सा अनुसंधान, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, एआई गवर्नेंस तथा क्लिनिकल प्रैक्टिस में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।देश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों की सक्रिय सहभागिता ने इस कार्यशाला को अत्यंत सफल बनाया। यह पहल जीआईएमएस की भविष्य के लिए सक्षम, तकनीक-सक्षम एवं नवाचार आधारित स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।




