पर्यावरण संरक्षण के लिए सिद्धि कोचर को मिला माध्यमिक शिक्षा मंत्री का प्रशस्ति-पत्र
पर्यावरण संरक्षण के लिए सिद्धि कोचर को मिला माध्यमिक शिक्षा मंत्री का प्रशस्ति-पत्र
गीला-सूखा कचरा पृथक्करण अभियान से लाखों विद्यार्थियों को किया जागरूक, अमेरिका के प्रतिष्ठित एमआईटी के शोध कार्यक्रम में भी हासिल कर चुकी हैं उपलब्धि

ग्रेटर नोएडा। शिव नादर स्कूल, ग्रेटर नोएडा की कक्षा 12वीं की छात्रा सिद्धि कोचर को पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया है। सिद्धि ने गीले और सूखे कचरे को अलग करने, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को जागरूक करने का अभियान चलाया।सिद्धि ने सस्टेनेबिलिटी लीडर्स प्रोग्राम (एसएलपी) की शुरुआत पंजाब में की थी। इसके बाद वर्ष 2025-26 में उन्होंने इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में लागू किया। उन्होंने स्वयं इसका पाठ्यक्रम तैयार किया और ऑनलाइन तथा विद्यालयों में प्रत्यक्ष रूप से जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान का नेतृत्व किया।
इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को गीले और सूखे कचरे को अलग करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जैव-उपचार के प्रति जागरूक किया गया। अभियान से प्रेरित होकर कई विद्यार्थियों ने अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं भी शुरू कीं।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने अपने प्रशस्ति-पत्र में सिद्धि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए उनके कार्य प्रेरणादायक हैं। प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी और समर्पण समाज के लिए प्रेरणा है। इससे पहले भी सिद्धि को उनके सामाजिक एवं पर्यावरण संबंधी कार्यों के लिए कई केंद्रीय और राज्य मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
एमआईटी के शोध कार्यक्रम में भी बनाई पहचान
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सिद्धि कोचर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनका चयन अमेरिका के प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में आयोजित होने वाले रिसर्च साइंस इंस्टीट्यूट (आरएसआई) कार्यक्रम के लिए हुआ था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दुनिया भर से चयनित लगभग 100 विद्यार्थियों में भारत के केवल तीन विद्यार्थी शामिल थे, जिनमें सिद्धि भी एक थीं।
कार्यक्रम के अंतर्गत उन्हें लगभग दो महीने का शोध प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन आयोजित परीक्षा में उन्होंने दुनिया भर से आए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच शीर्ष पांच में स्थान हासिल किया।
सिद्धि कोचर की पर्यावरण संरक्षण के प्रति पहल और शैक्षणिक उपलब्धियां युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने, प्रकृति की रक्षा करने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती हैं।




