क्रिकेट बॉल से भी बड़ा लिवर ट्यूमर, 72 वर्षीय मरीज की बिना बड़े चीरे के सफल सर्जरी | ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में 10–12 सेंटीमीटर का ट्यूमर लैप्रोस्कोपिक तकनीक से निकाला, क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सर्जरी का दावा
क्रिकेट बॉल से भी बड़ा लिवर ट्यूमर, 72 वर्षीय मरीज की बिना बड़े चीरे के सफल सर्जरी
ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में 10–12 सेंटीमीटर का ट्यूमर लैप्रोस्कोपिक तकनीक से निकाला, क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सर्जरी का दावा

ग्रेटर नोएडा। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 के डॉक्टरों ने 72 वर्षीय मरीज के लिवर में क्रिकेट बॉल से भी बड़े 10–12 सेंटीमीटर के ट्यूमर की सफल सर्जरी की। खास बात यह रही कि मरीज की बढ़ती उम्र, लिवर सिरोसिस, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी जटिलताओं के बावजूद डॉक्टरों ने बिना बड़े चीरे के पूरी तरह लैप्रोस्कोपिक तकनीक से लिवर का दाहिना हिस्सा निकाल दिया। अस्पताल के अनुसार, क्षेत्र में इस तकनीक से की गई यह अपनी तरह की पहली सर्जरी है।
आगरा के धनौली निवासी मनोहर सिंह पिछले करीब नौ महीने से पेट दर्द से परेशान थे। जांच और ट्रिपल-फेज सीटी स्कैन में उनके लिवर के दाहिने हिस्से में बड़ा ट्यूमर पाया गया। मरीज की उम्र और अन्य बीमारियों को देखते हुए डॉक्टरों ने विस्तृत जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। करीब छह से सात घंटे चले ऑपरेशन में लगभग 200 मिलीलीटर रक्तस्राव हुआ और कोई सर्जिकल जटिलता सामने नहीं आई।सर्जरी के बाद ट्यूमर की जांच में कैंसर की पुष्टि हुई, जबकि निकाले गए हिस्से के सभी सर्जिकल मार्जिन कैंसर-मुक्त पाए गए। मरीज को आईसीयू में निगरानी के बाद वेंटिलेटर से हटा दिया गया और अगले कुछ दिनों में उनकी हालत में सुधार हुआ। अस्पताल के अनुसार, फिलहाल मरीज को किसी अतिरिक्त कैंसर उपचार की आवश्यकता नहीं है।
डॉ. मनोज गुप्ता, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, रोबोटिक एंड लैप्रोस्कोपिक जीआई सर्जरी, जीआई ऑन्कोलॉजी एवं लिवर ट्रांसप्लांट ने बताया कि मरीज की जटिल मेडिकल स्थिति के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। कैंसरग्रस्त हिस्से को निकालने के साथ लिवर के शेष हिस्से की कार्यक्षमता सुरक्षित रखना जरूरी था। पूरी तरह लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी करना टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।




