GautambudhnagarGreater noida news

आइ.टी.एस.इंजीनियरिंग कॉलेज में एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ : पायथन प्रोग्रामिंग पर विशेष प्रशिक्षण

आइ.टी.एस.इंजीनियरिंग कॉलेज में एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ : पायथन प्रोग्रामिंग पर विशेष प्रशिक्षण

ग्रेटर नोएडा । अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभाग द्वारा 6 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक “पायथन प्रोग्रामिंग” विषय पर एक सप्ताहीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विषयों के शिक्षकों को आधुनिक प्रोग्रामिंग कौशल से सशक्त बनाना तथा शिक्षण एवं शोध कार्यों में नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में डीन अकादमिक डॉ. विष्णु शर्मा तथा अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अपने स्वागत एवं प्रेरक संबोधन में दोनों वक्ताओं ने शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान समय में पायथन प्रोग्रामिंग का महत्व शिक्षा, अनुसंधान, डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Intelligence) तथा अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने तकनीकी कौशल को और अधिक समृद्ध करने का आह्वान किया।एफडीपी के प्रथम दिवस में चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनका संचालन दो प्रतिष्ठित विशेषज्ञों प्रवीर सक्सेना एवं डॉ. आगा आसिम हुसैन ने किया।प्रथम दो सत्रों में प्रवीर सक्सेना ने प्रतिभागियों को पायथन इंस्टॉलेशन एवं सेटअप, पायथन की मूलभूत अवधारणाएँ, वेरिएबल्स, नेमिंग कन्वेंशन, डेटा टाइप्स तथा ऑपरेटर्स का विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों को भाषा की मजबूत आधारभूत समझ विकसित हुई।इसके उपरांत डॉ. आगा आसिम हुसैन ने स्ट्रिंग डेटा टाइप एवं स्ट्रिंग मेथड्स, लिस्ट तथा लिस्ट मेथड्स पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया। इन सत्रों में व्यावहारिक प्रदर्शन, लाइव कोडिंग तथा संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ।यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम विभाग की शैक्षणिक उत्कृष्टता, संकाय सदस्यों की क्षमता संवर्धन तथा उच्च शिक्षा में आधुनिक तकनीकों के प्रभावी समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। कार्यक्रम के आगामी दिनों में पायथन प्रोग्रामिंग के उन्नत विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button