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एनपीसीएल की ‘समर्थ’ पहल से सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को नई रफ्तार । पांच सरकारी स्कूलों में तैयार होंगे डिजिटल कक्ष, 900 से अधिक छात्र और 50 से अधिक शिक्षक होंगे लाभान्वित

एनपीसीएल की ‘समर्थ’ पहल से सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को नई रफ्तार

पांच सरकारी स्कूलों में तैयार होंगे डिजिटल कक्ष, 900 से अधिक छात्र और 50 से अधिक शिक्षक होंगे लाभान्वित

ग्रेटर नोएडा। नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) अपने सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम ‘समर्थ’ के तहत ग्रेटर नोएडा के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता से परिचित कराया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक तकनीक का सुरक्षित, जिम्मेदार और प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से एनपीसीएल ने इस अभियान की शुरुआत कंपोजिट स्कूल, सलेमपुर गुर्जर से की है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा के एनपीसीएल लाइसेंस क्षेत्र में आने वाले पांच सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में कंप्यूटर, फर्नीचर, शिक्षण सामग्री तथा प्रशिक्षित कंप्यूटर शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों को कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। इस पहल से 900 से अधिक विद्यार्थी और 50 से अधिक शिक्षक लाभान्वित होंगे।एनपीसीएल द्वारा चयनित पांच विद्यालयों में कंपोजिट स्कूल घोड़ी बछेड़ा, कंपोजिट स्कूल घरबरा, कंपोजिट स्कूल सलेमपुर गुर्जर, चौधरी केशराम इंटर कॉलेज हबीबपुर तथा सीजीवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हथेवा शामिल हैं।

इन विद्यालयों के साथ पिछले चार वर्षों से जारी साझेदारी के तहत एनपीसीएल ने विद्यार्थियों के लिए आधुनिक और बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें संवादात्मक समतल पटल के माध्यम से स्मार्ट कक्षाओं का विकास, बाल अनुकूल शिक्षण चित्रांकन, मेज-कुर्सियों की व्यवस्था तथा शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण जैसी पहल शामिल हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए पांच वर्ष के उपयोग-अधिकार के साथ कक्षा 12 तक की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आधारित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।एनपीसीएल के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना, उनके डिजिटल कौशल को मजबूत करना और तकनीक के माध्यम से विद्यालयों में बेहतर सीखने का वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।एनपीसीएल अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और कल्याण को भी विशेष महत्व दे रही है। इसी क्रम में विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया है। किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वस्थ आदतों और गरिमा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सैनिटरी पैड का वितरण भी किया गया।एनपीसीएल की ‘समर्थ’ पहल शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य और स्वच्छता को एक साथ जोड़ते हुए सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

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