कलेक्ट्रेट पर गूंजा मौन, तीन मांगों को लेकर सैकड़ों लोगों ने रखा उपवास
कलेक्ट्रेट पर गूंजा मौन, तीन मांगों को लेकर सैकड़ों लोगों ने रखा उपवास
गांधी जयंती पर सवर्ण स्वाभिमान मंच का शांतिपूर्ण आंदोलन, राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

ग्रेटर नोएडा। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सवर्ण स्वाभिमान मंच, गौतमबुद्धनगर के नेतृत्व में सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण मौन उपवास का आयोजन किया गया। मंच की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्णय को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम में आवश्यक कानूनी संशोधन की मांग उठाई गई।सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जिला मुख्यालय पहुंचने लगे। सुबह 10 बजे राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद अधिवक्ता, पत्रकार, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता सहित विभिन्न जाति और धर्मों के लोग मौन उपवास पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां भी प्रदर्शित कीं।
करीब तीन घंटे तक चले मौन उपवास के बाद ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इसके बाद मंच की ओर से राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।
समानता और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
मंच के संयोजक कपिल शर्मा अधिवक्ता ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण आंदोलन का संदेश दिया था। इसी भावना के अनुरूप मंच ने मौन उपवास के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि मंच किसी जाति, धर्म या संप्रदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता की मांग कर रहा है। उनके अनुसार गरीबी और आर्थिक कठिनाइयां किसी एक जाति तक सीमित नहीं हैं, इसलिए आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार से जोड़ने की आवश्यकता है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के संबंध में उन्होंने कहा कि मंच इसकी समीक्षा और आवश्यक कानूनी संशोधन की मांग कर रहा है, ताकि कानून का उद्देश्य न्याय और संरक्षण सुनिश्चित करना बना रहे।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
मौन उपवास के बाद मंच के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से संबंधित निर्णय को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई।मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि अभियान को आगे भी शांतिपूर्ण और चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा। इस मौके पर प्रमोद शर्मा अधिवक्ता, सुधीर वत्स, पंडित कृपाराम शर्मा, मनोज गोयल, संजय शर्मा अधिवक्ता, भानु प्रकाश शर्मा, गौरव शर्मा, विवेक रावल, राजेश रावत, अंकुश शर्मा अधिवक्ता, राजू पंडित, सोनू भगत, सचिन शर्मा, सतेंद्र शर्मा अधिवक्ता, शिवम लोधी राजपूत, रामदत्त शर्मा, सतपाल सिंह, ठाकुर सुरेंद्र तोमर, मनीष अत्री, निधि शर्मा अधिवक्ता, अनूप सिंह शिशोदिया, मोहित गुप्ता, रतनवीर शर्मा, अमरेंद्र ठाकुर, शिवओम शर्मा धूम सहित अन्य लोग मौजूद रहे




