सराहनीय कार्य । सड़क पर भटक रही मां-बेटी की मदद के लिए आगे आई महिला शक्ति सामाजिक संगठन की महिलाएँ
सराहनीय कार्य । सड़क पर भटक रही मां-बेटी की मदद के लिए आगे आई महिला शक्ति सामाजिक संगठन की महिलाएँ

ग्रेटर नोएडा। एक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही महिला और उसकी तीन वर्षीय बच्ची की सहायता के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने मानवीय पहल शुरू की है। महिला पिछले कुछ समय से अपनी मासूम बच्ची के साथ सड़कों पर भटकती हुई देखी जा रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार वह लोगों से मदद मांगकर स्वयं भी भोजन करती थी और अपनी बच्ची का भी पालन-पोषण कर रही थी। हालांकि उसके व्यक्तित्व और रहन-सहन को देखकर वह सामान्य भिक्षावृत्ति करने वाली महिला नहीं लगती थी।
मामले की जानकारी मिलने पर एक जागरूक नागरिक ने इंटरनेट के माध्यम से महिला शक्ति सामाजिक समिति का संपर्क नंबर प्राप्त कर संस्था से संपर्क किया। सूचना मिलते ही समिति की अध्यक्ष साधना सिन्हा और उनकी टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस और समाजसेवियों ने संयुक्त रूप से महिला और बच्ची का पता लगाने का प्रयास शुरू किया।बताया गया कि महिला लगातार अपना स्थान बदलती रहती थी, जिसके कारण उसकी तलाश में काफी कठिनाई हुई। पुलिस टीम, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सूचना देने वाले व्यक्ति ने पूरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में उसकी खोज की। लगातार प्रयासों के बाद जानकारी मिली कि महिला एक संस्था द्वारा संचालित आश्रय स्थल पर रह रही है तथा उसका वैवाहिक जीवन भी संकटग्रस्त है। प्राथमिक जानकारी में सामने आया कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है।समाजसेवियों ने महिला के पिता और पति से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल कोई सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार सुबह से ही महिला शक्ति सामाजिक समिति की टीम उस स्थान के बाहर मौजूद रही, जहां महिला के आने की संभावना थी। महिला के लौटने पर टीम ने उससे संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी से बात करने या अपने निकट आने के लिए तैयार नहीं हुई।समाजसेवियों का कहना है कि महिला की वर्तमान मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी प्राप्त करना बेहद कठिन है। यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि उसकी मानसिक स्थिति के पीछे क्या कारण हैं और उसे तत्काल किस प्रकार की सहायता की आवश्यकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला शक्ति सामाजिक समिति ने पुनः महिला सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था ने आग्रह किया है कि पुलिस प्रशासन महिला के परिजनों, विशेष रूप से उसके पिता और पति का पता लगाने का प्रयास करे तथा महिला को शीघ्र मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
समिति की अध्यक्ष साधना सिन्हा ने कहा कि यदि पुलिस, स्थानीय निवासी, समाजसेवी संगठन और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं मिलकर कार्य करें, तो मां-बेटी को सुरक्षित वातावरण, उचित देखभाल और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षीय बच्ची का भविष्य भी चिंता का विषय है और उसे बेहतर शिक्षा, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन का अधिकार है।उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं से भी अपील की है कि वे आगे आकर महिला की काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास में सहयोग करें। संस्था का मानना है कि महिला के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार आने तक उसे विशेष देखभाल और संवेदनशील सहयोग की आवश्यकता है। सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए महिला और बच्ची की पहचान तथा उनके निवास संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
महिला शक्ति सामाजिक समिति ने ऐसे संगठनों और व्यक्तियों से आगे आकर सहयोग करने की अपील की है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के पुनर्वास और सहायता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।




