नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम
नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम

ग्रेटर नोएडा। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के उद्यमिता संवर्धन केंद्र नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट ने एकेटीयू के इनोवेशन हब के सहयोग से 19 और 20 सितंबर को दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की थीम ‘विचार सत्यापन से निवेश की तैयारी तक’ रही।कार्यक्रम में करीब 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें उभरते उद्यमी, नवप्रवर्तक, विद्यार्थी और स्टार्टअप में रुचि रखने वाले प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्टार्टअप शुरू करने, उसे विकसित करने और निवेश के लिए तैयार करने से जुड़े विभिन्न चरणों की व्यावहारिक जानकारी देना था।कार्यक्रम के दौरान विचार सत्यापन, ग्राहक खोज, बाजार की जरूरतों का आकलन, व्यवसाय मॉडल, बौद्धिक संपदा अधिकार, बाजार रणनीति, मूल्य निर्धारण, वित्तीय योजना, ग्राहक प्राप्ति, व्यवसाय विस्तार, निवेश की तैयारी, स्टार्टअप मूल्यांकन और प्रस्तुति तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।दो दिवसीय कार्यक्रम में उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े सौरभ जैन, मनवीन चड्ढा, ईशा शर्मा, अमित सिंघल, अभिषेक कक्कड़ और उमेश शरभा ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और अपने नवाचार आधारित विचारों को व्यवहारिक एवं निवेश योग्य व्यवसाय में बदलने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। संवादात्मक सत्रों में प्रतिभागियों ने टिकाऊ व्यवसाय तैयार करने, बाजार में उत्पाद उतारने और निवेश प्राप्त करने की तैयारियों से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों को समझा।
नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट और आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के नेतृत्व ने कहा कि नवाचार आधारित विचारों और उनके सफल व्यावसायीकरण के बीच की दूरी कम करने में इस तरह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्थान ने एकेटीयू के इनोवेशन हब और सभी विशेषज्ञ वक्ताओं के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।यह पहल स्टार्टअप इंडिया, स्टार्टइनयूपी, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 की व्यापक सोच के अनुरूप नवाचार, उद्यमिता और निवेश के लिए तैयार स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।




