वर्ल्ड ब्रेन डे: समय पर पहचान और स्वस्थ जीवनशैली से बचाए जा सकते हैं कई दिमागी रोग
वर्ल्ड ब्रेन डे: समय पर पहचान और स्वस्थ जीवनशैली से बचाए जा सकते हैं कई दिमागी रोग

ग्रेटर नोएडा/नोएडा: वर्ल्ड ब्रेन डे के अवसर पर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट्स ने लोगों से मस्तिष्क स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने की अपील की। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनियंत्रित जीवनशैली के कारण स्ट्रोक, माइग्रेन, मिर्गी, पार्किंसंस, डिमेंशिया और नसों से जुड़ी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
डॉ. सौम्या एच. मित्तल, सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरोलॉजी, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा ने बताया कि आज युवाओं में भी स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि यदि अचानक शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बोलने में कठिनाई, चेहरा टेढ़ा होना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना या संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए अस्पताल पहुंचना चाहिए। स्ट्रोक में समय पर उपचार मरीज की जान बचाने के साथ स्थायी विकलांगता के खतरे को भी काफी हद तक कम कर सकता है।
वहीं, डॉ. सत्यन नंदा, सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड – न्यूरोलॉजी, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा-110 ने बताया कि उनके न्यूरोलॉजी ओपीडी में प्रतिमाह लगभग 300–320 मरीज उपचार के लिए आते हैं, जिनमें स्ट्रोक, माइग्रेन, मिर्गी, पार्किंसन, डिमेंशिया और नसों से जुड़ी बीमारियां प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में स्ट्रोक और बुजुर्गों में याददाश्त संबंधी समस्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए समय पर जांच और विशेषज्ञ से परामर्श बेहद आवश्यक है। दोनों विशेषज्ञों ने लोगों से नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, योग एवं ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने, तनाव से बचने तथा ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क की सेहत को भी हृदय की तरह प्राथमिकता देकर और समय पर जांच कराकर कई गंभीर दिमागी बीमारियों से बचाव संभव है।




