ग्रेटर नोएडा में भारतीय किसान यूनियन का प्रदर्शन, 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा में भारतीय किसान यूनियन का प्रदर्शन, 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने मंगलवार को किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने मोजरबियर गोलचक्कर से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। बीकेयू के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसान वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन मिलते हैं, समाधान नहीं।ज्ञापन में किसानों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का जल्द भुगतान करने, नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत प्रभावित गांवों को नियमानुसार लाभ देने तथा 100 मीटर और 5 प्रतिशत विकसित भूखंडों सहित सभी लंबित लाभों का शीघ्र वितरण करने की मांग की।
आबादी, लीजबैक और बंद रास्तों का मुद्दा भी उठाया
किसानों ने आबादी संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान, लंबित लीजबैक और भवन संबंधी मामलों का निस्तारण करने की मांग की। इसके अलावा एक वर्ष से अधिक समय से बंद पड़े गांवों के रास्तों को तत्काल खुलवाने तथा अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को बिना भेदभाव आबादी के प्लॉट आवंटित करने की भी मांग रखी। बीकेयू ने तहसील और प्राधिकरणों में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, 120 वर्गमीटर के भूखंडों से जुड़े मामलों का समाधान करने तथा स्थानीय युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार देने की मांग की। साथ ही किसानों को बिजली विभाग द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने पर रोक लगाने की भी मांग उठाई।भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। किसानों का कहना है कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों की होगी।




