गिरधरपुर गाँव में कुश्ती के महाकुंभ में शामिल हुए हज़ारों लोग,जोंटी भाटी ने जीती सबसे बड़ी कुश्ती विदेशी पहलवान भी हुए शामिल
गिरधरपुर गाँव में कुश्ती के महाकुंभ में शामिल हुए हज़ारों लोग,जोंटी भाटी ने जीती सबसे बड़ी कुश्ती विदेशी पहलवान भी हुए शामिल

ग्रेटर नोएडा। स्वर्गीय भागमल सिंह भाटी की पुण्यतिथि पर गिरधरपुर गांव में ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय विशाल कुश्ती दंगल आयोजित किया गया । स्वर्गीय भागमल सिंह भाटी के पुत्र रणजीत भाटी पहलवान और रविंद्र भाटी पहलवान ने इसका आयोजन किया था।इस बड़े कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए।सुरक्षा के भी पुख़्ता इंतजाम किए गए थे।मिट्टी के अखाड़े में देशी ताकत और विदेशी दांव-पेंच का ऐसा संग्राम देखने को मिला, जिसने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। गांव की गलियों से लेकर अखाड़े के मैदान तक सिर्फ एक ही चर्चा थी—“आज कौन बनेगा मिट्टी का असली बादशाह?”। इस ऐतिहासिक दंगल में
करीब 20 लाख रुपये की इनामी कुश्तियों हुईं व इस भव्य दंगल में भारत, ईरान और रूस सहित कई देशों के पहलवानों ने हिस्सा लिया। लेकिन सबसे ज्यादा तालियां उस समय गूंजीं, जब भारतीय पहलवानों ने विदेशी पहलवानों को चारों खाने चित कर अपनी ताकत और तकनीक का लोहा मनवाया। ग्रामीण परिवेश में आयोजित यह दंगल किसी बड़े स्पोर्ट्स इवेंट से कम नजर नहीं आया।
दंगल की सबसे चर्चित और हाई-वोल्टेज कुश्ती ढाई लाख रुपये की रही, जिसमें भारतीय पहलवान जोंटी भाटी का मुकाबला ईरान के ताकतवर पहलवान हामिद से हुआ। दोनों पहलवानों के बीच शुरू से ही जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। दर्शकों की सांसें थम गईं जब कुछ मिनटों तक दोनों एक-दूसरे को पछाड़ने की कोशिश करते रहे। आखिरकार भारतीय मिट्टी के लाल जोंटी भाटी ने ऐसा दांव लगाया कि ईरानी पहलवान सीधे अखाड़े में चित्त हो गया। जीत के साथ ही अखाड़ा “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।हरेंद्र पहलवान ने हरियाणा के अंकित को हराकर मचाया धमाल
ढाई लाख रुपये की दूसरी बड़ी कुश्ती में हरेंद्र पहलवान (रंजीत अखाड़ा) ने हरियाणा के चर्चित पहलवान अंकित त्रिपड़ी को शिकस्त देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। मुकाबला काफी देर तक बराबरी का चलता रहा, लेकिन हरेंद्र ने अपने अनुभव और ताकत के दम पर जीत दर्ज की।
दंगल की तीसरी ढाई लाख की कुश्ती में शेरा गुर्जर पहलवान और ईरान के मिर्ज़ा पहलवान आमने-सामने आए। दोनों पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच दिखाए, लेकिन मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। वहीं चौथी बड़ी कुश्ती में कलवा गुर्जर पहलवान और रोहित पहलवान लडपुरा के बीच भी कांटे की टक्कर देखने को मिली और मुकाबला ड्रॉ रहा।एक लाख रुपये की इनामी कुश्ती में अजय पहलवान (रंजीत अखाड़ा) ने रूस के पहलवान ऑस्कर को हराकर भारतीय ताकत का डंका बजा दिया। इस जीत के बाद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।दंगल आयोजक रंजीत पहलवान ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय विशाल कुश्ती दंगल में करीब 300 मुकाबले आयोजित किए गए। शाम से शुरू हुआ यह दंगल देर रात तक चलता रहा। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोगों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। इस मौके पर सांसद डॉ महेश शर्मा ने कहा कि गिरधरपुर गांव हमेशा से कुश्ती और अखाड़ा संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन इस बार का आयोजन अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक रहा।गिरधरपुर गांव का यह दंगल केवल खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह भारतीय ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और खेल भावना का शानदार उत्सव बन गया। इस मौके पर लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि मिट्टी के अखाड़े में पहलवानों का जोश, दर्शकों का उत्साह और देशभक्ति के नारों ने माहौल को पूरी तरह ऊर्जा से भर दिया। दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि यदि ऐसे आयोजनों को लगातार बढ़ावा मिले, तो गांवों से निकलने वाले पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकते हैं। आयोजन कमेटी के वनीष प्रधान ने कहा कि दंगल के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोगों ने खासतौर पर भारतीय पहलवानों की जीत और विदेशी पहलवानों के साथ हुए मुकाबलों को खूब पसंद किया।दंगल की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे देखने के लिए जिले और प्रदेश की कई बड़ी हस्तियां पहुंचीं। कार्यक्रम में नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, विधायक नंद किशोर गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, पूर्व विधायक वेदराम भाटी, दिल्ली कुश्ती संघ के अध्यक्ष जय प्रकाश,शालिनी सिंह, जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी, जिला पंचायत सदस्य सुनील भाटी,जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र नागर,पूर्व प्रत्याशी नरेन्द्र डाढ़ा,ब्लॉक प्रमुख ईश्वर पहलवान,किसान एकता संघ के सोरन प्रधान,अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के सविंद्र भाटी,के पी कसाना,शशांक भाटी नरेन्द्र भाटी,विकास प्रधान,सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। नेताओं और अतिथियों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारतीय कुश्ती केवल खेल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। गांवों में ऐसे दंगल युवाओं को नशे और गलत रास्तों से दूर रखने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक कमेटी के रणजीत पहलवान,रविंद्र पहलवान,वनीश प्रधान,परीक्षित नागर,ब्रजेश भाटी,अमित भाटी,चमन कसाना,योगी भाटी,अजय भाटी ने सभी का आभार व्यक्त किया है




