मलेशिया में जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान के विद्यार्थियों ने हासिल किया वैश्विक अनुभव
मलेशिया में जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान के विद्यार्थियों ने हासिल किया वैश्विक अनुभव

ग्रेटर नोएडा। जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान के पीजीडीएम बैच 2025-27 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम-2026 ‘फर्नवेह’ ज्ञान, उद्योग, संस्कृति और रोमांच से भरपूर रहा। मलेशिया में आयोजित इस कार्यक्रम में 516 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक एवं संस्थान के कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा और पुस्तकीय ज्ञान से आगे ले जाकर अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण, वैश्विक व्यापार, उद्योग, तकनीक और विभिन्न संस्कृतियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था। जीआईएमएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कई शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण किया।
विश्वविद्यालयों में समझी वैश्विक शिक्षा व्यवस्था
विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी सेंस मलेशिया और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, कुआलालंपुर का भ्रमण किया। यहां आयोजित शैक्षणिक सत्रों में विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था, आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों और वैश्विक व्यापारिक वातावरण को समझा। कार्यक्रम के अंत में दोनों विश्वविद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। वहीं जीआईएमएस के शिक्षकों ने भी मलेशिया के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रबंधन विषयों पर व्याख्यान दिए।
उद्योगों के भ्रमण से मिला व्यावहारिक ज्ञान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रॉयल सेलांगोर, मलेशियाई पाम ऑयल बोर्ड, जिनेवा घड़ी कारखाने और चॉकलेट कारखाने का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीक, पैकेजिंग, उत्पादन प्रबंधन और वैश्विक बाजार तक उत्पादों की पहुंच से जुड़े पहलुओं को करीब से समझा।इन औद्योगिक भ्रमणों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह जानने का अवसर मिला कि किस प्रकार गुणवत्ता, तकनीक, पारंपरिक कौशल और आधुनिक प्रबंधन के समन्वय से उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलती है।
मलेशिया की संस्कृति और विरासत से भी हुए रूबरू
अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मलेशिया की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का अवसर भी मिला। विद्यार्थियों ने मलेशिया के राजमहल, थियान हो मंदिर और बातू गुफा मंदिर का भ्रमण किया। इसके अलावा केएल टावर से कुआलालंपुर के विहंगम दृश्य का आनंद लिया।
जेंटिंग हाईलैंड्स की यात्रा ने कार्यक्रम में रोमांच और मनोरंजन का रंग भर दिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों और मनोरंजक सवारियों का आनंद लिया। स्थानीय बाजारों और प्रमुख स्थलों के भ्रमण के दौरान उन्होंने मलेशिया की जीवनशैली, खान-पान और सामाजिक विविधता को भी समझा।
जीआईएमएस सीमाओं से आगे’ की भावना को किया साकार
जीआईएमएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि आज के वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रबंधन शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को उद्योग, अंतरराष्ट्रीय बाजार और विभिन्न संस्कृतियों का प्रत्यक्ष अनुभव देना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि मलेशिया का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए केवल विदेश यात्रा नहीं, बल्कि सीखने, समझने, अनुभव हासिल करने और अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने की शैक्षणिक पहल रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को वैश्विक वातावरण में संवाद, सांस्कृतिक समझ और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने का अवसर प्रदान किया।
‘फर्नवेह-2026’ ने शिक्षा, उद्योग, संस्कृति और रोमांच को एक मंच पर लाकर विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अंतरराष्ट्रीय अनुभव तैयार किया




