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मानवीय मूल्यों को समझना और उन्हें अपनाना शिक्षा और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण। भूपेन्द्र कुमार सोम

मानवीय मूल्यों को समझना और उन्हें अपनाना शिक्षा और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण। भूपेन्द्र कुमार सोम

शफी मौहम्मद सैफी

ग्रेटर नोएडा। जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज एंड प्रोफेशनल एथिक्स पर ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यशाला (एफडीपी) का दूसरे दिन का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया।
कार्यशाला में मुख्य बातचीत मानवीय मूल्यों के विषय में हुई। इन मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका इंसानी जीवन में जीवन को सजीव और संबल बनाने में होती है। इन मूल्यों के संदर्भ में उच्चतम स्तर से विचार किया गया और उन्हें अपनाने की अपील की गई।
कार्यशाला का संचालन कर रहे डॉ. हिमांशु कुमार राय ने मुख्य रूप से संबंध, संबंध में भाव और उस भाव को पहचानने, निर्वहन करने और उसका मूल्यांकन कर उससे मिलने वाले उभय सुख प्राप्त करने को लेकर विस्तार से चर्चा करी। डॉ. राय ने संबध के विषय में नौ भावों की व्याख्या करी जिसमें प्रथम भाव विश्वास है और डॉ राय ने बताया कि विश्वास ही नौ भावों का आधार मूल्य है, उसके बाद क्रमशः सम्मान, स्नेह, ममता, वात्सल्य, श्रद्धा, गौरव, कृतज्ञता और सबसे अंत में प्रेम है जो कि सभी भाव का पूर्ण मूल्य है।
कार्यशाला के संबंध में निदेशक डॉ. भूपेंद्र कुमार सोम ने वक्तव्य दिया कि मानवीय मूल्यों को समझना और उन्हें अपनाना शिक्षा और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा उद्देश्य है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी को इन मूल्यों के महत्व को समझने उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाय।कार्यशाला के दूसरे दिन जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान के अनुदान में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने अपने अपने विचारों को साझा किया और मानवीय मूल्यों के महत्व को समझने वाली कई गतिविधियों में भाग लिया।
दूसरे दिन की कार्यशाला का समापन कुछ नए प्रण और आने वाली नई उम्मीदों के साथ हुआ।

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