शारदा लॉन्चपैड फेडरेशन ने अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 का किया आयोजन
शारदा लॉन्चपैड फेडरेशन ने अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 का किया आयोजन

ग्रेटर नोएडा। शारदा यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप इनक्यूबेटर शारदा लॉन्चपैड फेडरेशन ने अंतरराष्ट्रीय बिजनेस स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व शारदा लॉन्चपैड फेडरेशन के निदेशक डॉ. अमित सहगल ने किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) द्वारा नवाचार, उद्यमिता, रोजगार सृजन और भारत की आर्थिक प्रगति में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, शिक्षाविदों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा नवाचार, तकनीक, रणनीतिक साझेदारी और उद्यमिता के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए, जिनमें डॉ. अमित सहगल, पूर्व भारतीय वायुसेना अधिकारी एवं विविड पैकेजिंग इंडस्ट्रीज के संस्थापक निदेशक कुशल पाल सिंह, श्रीयुत सुरेश कुमार सिंह (आईएएस, सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक, एसएलएम लिमिटेड, डॉ. शोभा धवन, सीएमडी, डॉन्सन क्योसेई इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, निकोलेटा इओआना सियुर्डियन, सीईओ, रोमइंड वेलफेयर काउंसिल, डॉ. एस.के. सोनी, उपाध्यक्ष, आईबीएसईए दिल्ली, सुभाष मनाय, प्रधान सलाहकार, दिल्ली मैनेजमेंट एसोसिएशन, इंद्रजीत घोष, ग्लोबल चेयरमैन, एमएसएमईसीसीआईआई तथा डॉ. अंशुमान सिंह, चेयरमैन, आईबीएसईए शामिल रहे। कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि विभिन्न प्रमुख औद्योगिक संगठनों जैसे इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA), इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) की सहभागिता रही। इन संगठनों ने नवाचार, औद्योगिक विकास और सहयोग के माध्यम से भारत के एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान भारत एमएसएमई एक्सीलेंस अवॉर्ड्स के माध्यम से उत्कृष्ट उद्यमियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया। वहीं, उद्यमिता, नवाचार, एमएसएमई, स्टार्टअप और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को मीडिया एक्सीलेंस अवॉर्ड्स प्रदान किए गए।अपने संबोधन में डॉ. अमित सहगल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी नवाचार तंत्र के निर्माण के लिए उद्योग, शिक्षा जगत, सरकार, निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीक के उपयोग और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से एमएसएमई को सशक्त बनाना विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विचारों का आदान-प्रदान किया, नई साझेदारियों की संभावनाओं पर चर्चा की और सहयोग के नए अवसर तलाशे। इस आयोजन में उद्यमियों, एमएसएमई प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों, मीडिया कर्मियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जिसने इसे नवाचार, उद्यमिता और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बना दिया।




