यमुना प्राधिकरण की प्लॉट लॉटरी। वर्षों का इंतजार खत्म होने पर कई परिवारों में जश्न तो कई सपने फिर रह गए अधूरे,973 लोगों के सपने हुए साकार, हजारों आवेदकों को करना होगा फिर इंतजार
यमुना प्राधिकरण की प्लॉट लॉटरी।
वर्षों का इंतजार खत्म होने पर कई परिवारों में जश्न तो कई सपने फिर रह गए अधूरे,973 लोगों के सपने हुए साकार, हजारों आवेदकों को करना होगा फिर इंतजार

ग्रेटर नोएडा । यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बहुप्रतीक्षित आवासीय प्लॉट योजना का ड्रा गुरुवार को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के हॉल नंबर-1 में संपन्न हो गया। यह केवल एक लॉटरी नहीं थी, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीदों, वर्षों के इंतजार और सपनों का ऐसा संगम था, जहां किसी के हिस्से खुशियों का खजाना आया तो किसी के हाथ निराशा लगी। जैसे-जैसे ड्रा की प्रक्रिया आगे बढ़ती गई, हॉल में मौजूद लोगों के दिलों की धड़कनें भी तेज होती चली गईं। हर किसी की निगाहें मंच पर थीं और हर नाम के साथ सैकड़ों उम्मीदें जुड़ी हुई थीं।सुबह से ही इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश के दूसरे राज्यों से भी लोग अपने परिवारों के साथ इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने पहुंचे। एक हजार से अधिक आवेदक और उनके परिजन ड्रा प्रक्रिया को देखने के लिए मौजूद रहे।हॉल में बैठे लोगों के चेहरों पर उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी। कोई हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा था, कोई मोबाइल पर लगातार परिवार वालों से बात कर रहा था, तो कोई अपनी बारी आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। जैसे ही किसी का नाम स्क्रीन पर दिखाई देता, तालियों की गड़गड़ाहट और खुशी की आवाजें पूरे हॉल में गूंज उठती थीं।ड्रा के दौरान कई ऐसे भावुक दृश्य सामने आए, जिन्होंने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। जिन लोगों का नाम लॉटरी में निकला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई परिवार एक-दूसरे को गले लगाते दिखाई दिए। कुछ लोगों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों की मेहनत और इंतजार का सपना आखिरकार पूरा जो हो गया था।वहीं दूसरी ओर, कई ऐसे चेहरे भी थे जो उम्मीदों के साथ आए थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। जैसे ही अंतिम परिणाम घोषित हुए, कुछ लोग चुपचाप हॉल से बाहर निकलते दिखाई दिए। उनके चेहरों पर निराशा साफ झलक रही थी, लेकिन कई लोगों ने अगले अवसर में फिर किस्मत आजमाने का संकल्प भी दोहराया।इस बार ड्रा में सफलता पाने वाले कई ऐसे लोग भी रहे, जो पिछले आठ-दस वर्षों से लगातार यमुना प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में आवेदन कर रहे थे। हर बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और आखिरकार इस बार किस्मत ने उनका साथ दे दिया। कई सफल आवेदकों ने कहा कि वर्षों से वे अपने घर और निवेश के सपने को पूरा करने के लिए प्रयास कर रहे थे। अब जाकर उन्हें सफलता मिली है और यह उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है।प्राधिकरण की इस योजना में उपलब्ध प्लॉटों के मुकाबले भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। हालांकि ड्रा में केवल 973 आवेदकों को ही सफलता मिल सकी। बाकी हजारों लोगों को इस बार निराशा का सामना करना पड़ा।ड्रा प्रक्रिया की शुरुआत 162 वर्गमीटर के प्लॉट से की गई, जबकि सबसे अंत में 290 वर्गमीटर के प्लॉटों की लॉटरी निकाली गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराई गई।ड्रा के दौरान एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आया। प्राधिकरण को 104 बैंक खातों से दो या दो से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इन खातों से कुल 251 आवेदन किए गए थे। नियमों के अनुसार प्रत्येक बैंक खाते से केवल एक आवेदन को ही मान्य माना गया और उसी आधार पर चयन कर उन्हें ड्रा में शामिल किया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई है, ताकि किसी भी आवेदक के साथ अन्याय न हो।यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों का नाम ड्रा में आया है, उन्हें लगभग एक सप्ताह के भीतर प्लॉट का आवंटन पत्र जारी कर दिया जाएगा। वहीं जिन आवेदकों का चयन नहीं हो पाया है, उनकी जमा राशि लगभग एक महीने के भीतर उनके बैंक खातों में वापस भेज दी जाएगी।जेवर एयरपोर्ट और बढ़ते विकास के बीच बढ़ी प्लॉटों की मांग
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और औद्योगिक परियोजनाओं के चलते यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की जमीनों की मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि प्रत्येक योजना में लाखों लोग आवेदन कर रहे हैं और प्लॉट प्राप्त करना अब किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा।इस बार का ड्रा भी सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि यह हजारों परिवारों की भावनाओं, उम्मीदों और सपनों का ऐसा मंच बन गया, जहां कुछ लोगों के घरों में जश्न मनाया गया तो कुछ परिवारों ने अगले मौके का इंतजार शुरू कर दिया।




