दीपावली पर औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर आईबीए की अहम बैठक, पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी लगाने पर हुई चर्चा
दीपावली पर औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर आईबीए की अहम बैठक, पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी लगाने पर हुई चर्चा
श्रमिकों के वेतन, बोनस और छुट्टियों के दौरान फैक्ट्रियों की सुरक्षा के मुद्दे भी उठे

ग्रेटर नोएडा। दीपावली के त्योहार को देखते हुए साइट-5 एवं ईपीआईपी औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और औद्योगिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए ) की ओर से पुलिस प्रशासन, यूपीसीडा एवं श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीसीपी संतोष कुमार ने की।
बैठक में पुलिस प्रशासन की ओर से एसीपी-3 डॉ. रवि शंकर मिश्रा, कासना थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा और साइट-5 चौकी प्रभारी हर्षवर्धन मौजूद रहे। वहीं यूपीसीडा की ओर से रीजनल मैनेजर अनिल शर्मा एवं अधिशासी अभियंता एनके जैन तथा श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी जय प्रकाश सिंह ने भाग लिया। आईबीए की ओर से उपाध्यक्ष राजेश खन्ना, जॉइंट सेक्रेटरी विकास राय, साइट-5 सेक्टर सेक्रेटरी वीरेंद्र प्रताप रावल, वरिष्ठ सदस्य आकाश अश्वथी सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।बैठक में दीपावली के दौरान औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा, श्रमिकों को समय पर वेतन एवं बोनस का भुगतान और श्रमिकों की छुट्टियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्यमियों ने बताया कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गृह जनपद चले जाते हैं और कई औद्योगिक इकाइयां भी कुछ दिनों के लिए बंद रहती हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।इस पर औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार नए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने जैसे सुझाव रखे गए। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन, सुरक्षा गार्डों एवं कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देने पर भी चर्चा हुई। बैठक में चोरी, आगजनी और अन्य अप्रिय घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन, यूपीसीडा और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।आईबीए पदाधिकारियों ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य दीपावली के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है, ताकि त्योहार के समय और उसके बाद भी औद्योगिक गतिविधियां बिना किसी व्यवधान के संचालित होती रहें।




