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वीएलएसआई से एआई हार्डवेयर तक आधुनिक चिप तकनीक पर विशेषज्ञ व्याख्यान

वीएलएसआई से एआई हार्डवेयर तक आधुनिक चिप तकनीक पर विशेषज्ञ व्याख्यान

ग्रेटर नोएडा। जीएनआईओटी इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग की ओर से ‘वीएलएसआई से एआई हार्डवेयर: आधुनिक चिप्स से एम्बेडेड इंटेलिजेंस को नई दिशा’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम, माइक्रोकंट्रोलर आर्किटेक्चर और एआई हार्डवेयर के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास एवं रोजगार की संभावनाओं से परिचित कराना था।

कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. सरगदा प्रसन्न कुमार, सिस्टम आर्किटेक्ट, एसटी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईआईटी रुड़की से माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं वीएलएसआई में पीएचडी, रहे। उन्होंने सिलिकॉन डिजाइन, माइक्रोकंट्रोलर आर्किटेक्चर, एम्बेडेड सिस्टम तथा एसआरएएम आधारित एआई हार्डवेयर अनुसंधान के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक चिप डिजाइन, सिस्टम आर्किटेक्चर, सिलिकॉन डिजाइन, ऑटोमोटिव एवं एम्बेडेड सिस्टम में माइक्रोकंट्रोलर, एज एआई के लिए हार्डवेयर त्वरण तथा एसआरएएम आधारित इन-मेमोरी कंप्यूटेशन जैसी उन्नत तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

डॉ. कुमार ने बताया कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में वीएलएसआई, माइक्रोकंट्रोलर और एआई हार्डवेयर की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। एज एआई के बढ़ते उपयोग के कारण कम ऊर्जा में अधिक गणना करने वाले हार्डवेयर की आवश्यकता बढ़ी है। ऐसे में एसआरएएम आधारित इन-मेमोरी कंप्यूटेशन जैसी तकनीकें ऊर्जा-कुशल एआई प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों, आवश्यक तकनीकी कौशल तथा वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम और एआई हार्डवेयर के क्षेत्र में उपलब्ध करियर एवं रोजगार के अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने आधुनिक चिप डिजाइन, माइक्रोकंट्रोलर एवं एम्बेडेड सिस्टम के बीच संबंध, ऑटोमोटिव क्षेत्र में माइक्रोकंट्रोलर की भूमिका और एज एआई में हार्डवेयर त्वरण के महत्व को समझा। साथ ही विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों, उद्योग के रुझानों और अनुसंधान के अवसरों की जानकारी मिली।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभाग ने जीएनआईओटी इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. धीरज गुप्ता एवं जीएनआईओटी प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश ओझा, सभी संकाय सदस्यों और कार्यक्रम समन्वयकों के सहयोग की भी सराहना की गई।

समग्र रूप से विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को वीएलएसआई से लेकर एआई हार्डवेयर तक तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी क्षेत्र की व्यावहारिक समझ प्रदान की और भविष्य के करियर, परियोजनाओं तथा अनुसंधान के लिए नई दिशा दिखाई।

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