बुलंदशहर में शिवभक्ति का महासंगम, तृतीय विशाल कांवड़ शिविर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बुलंदशहर में शिवभक्ति का महासंगम, तृतीय विशाल कांवड़ शिविर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
आस्था, सेवा और सामाजिक सद्भाव का बना केंद्र; पांच दिनों तक कांवड़ यात्रियों की सेवा में जुटे रहे स्वयंसेवक

बुलंदशहर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सलेमपुर स्थित श्यामजी गार्डन में आयोजित तृतीय विशाल कांवड़ शिविर आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का भव्य केंद्र बनकर उभरा। 7 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक चले इस पांच दिवसीय शिविर में हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों ने सहभागिता की। इस दौरान आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शिविर परिसर में शंखनाद के साथ ही पूरा वातावरण ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। रंग-बिरंगी रोशनी, पुष्पों से सजी आकर्षक झांकियां तथा भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की मनमोहक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए पेयजल, जल सेवा, प्रसाद वितरण, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। स्वयंसेवकों ने पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ व्यवस्थाओं को संभाला।इस आयोजन की खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में युवाओं ने श्रमदान कर सेवा कार्यों में भागीदारी निभाई, जबकि स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग देकर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेवा और सहयोग की इस भावना ने आयोजन को एक धार्मिक कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर सामाजिक एकता का संदेश देने वाला मंच बना दिया।आयोजन समिति के अनुसार, पांच दिनों तक चले इस शिविर में कांवड़ यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में महेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, डीके सिंह, मुनीश तेवतिया, ओमपाल सिंह, शकील अहमद, अमन सिंह, मूलचंद सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, स्थानीय नागरिक एवं शिवभक्त मौजूद रहे।तृतीय विशाल कांवड़ शिविर ने बुलंदशहर में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव की मजबूत मिसाल पेश की। श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी और स्वयंसेवकों के सेवा भाव ने इस आयोजन को क्षेत्र में एक यादगार धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन बना दिया।




