कला के क्षेत्र में बोईशाली सिन्हा को मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि, बोलीं—‘कला मेरी यात्रा, मेरी आवाज और मेरा सबसे बड़ा प्रेम’
कला के क्षेत्र में बोईशाली सिन्हा को मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि, बोलीं—‘कला मेरी यात्रा, मेरी आवाज और मेरा सबसे बड़ा प्रेम’

ग्रेटर नोएडा/नई दिल्ली। कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बोईशाली सिन्हा को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के बाद अपने नाम के आगे ‘डॉ. बोईशाली’ लिखना उनके लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।सम्मान मिलने के बाद बोईशाली सिन्हा ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद भावुक और विनम्र कर देने वाला पल है। कला मेरी यात्रा रही है, मेरी आवाज रही है, मेरा विद्रोह रही है और मेरा सबसे बड़ा प्रेम भी। यह सम्मान उन वर्षों की याद दिलाता है, जो मैंने सृजन करने, सीखने, सिखाने और अपने सपनों को कभी हार न मानने में बिताए हैं।”उन्होंने कहा कि कला ने उनके जीवन को दिशा देने के साथ-साथ अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने का माध्यम भी दिया। मानद डॉक्टरेट की उपाधि को उन्होंने अपने अब तक के सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
माता-पिता के प्रति जताया आभार
बोईशाली सिन्हा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा, “इन सबसे बढ़कर मैं अपने माता-पिता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। उनके प्रेम, त्याग और विश्वास ने मेरे इस सफर को संभव बनाया है।”
उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, सीखने और अपने सपनों के प्रति विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने भविष्य में भी कला के क्षेत्र में निरंतर सृजन और योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।




