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GIMS में “AI Roundtable & MedTech Hospital Demo Day 2026”, “AI for Doctors – From Doctors” एवं “2nd Edition MedTech Regulatory Clinic” का हुआ सफल आयोजन

GIMS में “AI Roundtable & MedTech Hospital Demo Day 2026”, “AI for Doctors – From Doctors” एवं “2nd Edition MedTech Regulatory Clinic” का हुआ सफल आयोजन

नीतिनिर्माताओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, निवेशकों एवं उद्योग जगत की उल्लेखनीय सहभागिता

ग्रेटर नोएडा | गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (GIMS), ग्रेटर नोएडा के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI-GIMS) द्वारा आज “AI Roundtable & MedTech Hospital Demo Day 2026”, “AI for Doctors – From Doctors” तथा “2nd Edition MedTech Regulatory Clinic” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से डॉक्टरों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, MedTech स्टार्टअप्स, AI इनोवेटर्स, शिक्षण संस्थानों, निवेशकों, नीति निर्माताओं, नियामक विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने AI एवं MedTech आधारित स्वास्थ्य नवाचारों के भविष्य पर एक सशक्त संवाद का मंच प्रदान किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुरेंद्र सिंह, पूर्व ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) एवं वर्तमान कुलपति, महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय (MGUG), गोरखपुर रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU); श्री त्रुओंग सिन्ह, प्रमुख – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, वियतनाम दूतावास; तथा डॉ. मित्तल, कार्यकारी निदेशक, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइसेज़ शामिल रहे।

कार्यक्रम में शारदा विश्वविद्यालय, बेनेट विश्वविद्यालय, AIIMS नई दिल्ली सहित कई मेडिकल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम की शुरुआत “AI for Doctors – From Doctors” सत्र से हुई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ, नैतिक पक्षों तथा रोगी देखभाल में जिम्मेदार AI उपयोग पर चर्चा की गई।

अपने मुख्य वक्तव्य में डॉ. सुरेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं में AI के नैतिक एवं प्रमाणित उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा सुरक्षित AI एकीकरण के लिए संस्थागत ढांचे विकसित करने की आवश्यकता बताई।प्रो. राणा प्रताप सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं में AI जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग के दौरान रोगी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।GIMS एवं CMI-GIMS के नेतृत्व की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह पहल अकादमिक संस्थानों, उद्योग, चिकित्सकों, स्टार्टअप्स एवं नीति निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाकर भारत के स्वास्थ्य नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में भारतीय मेडिकल डिवाइस एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों तथा ISBA सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।“AI Roundtable & MedTech Hospital Demo Day 2026” के अंतर्गत चयनित स्टार्टअप्स एवं इनोवेटर्स ने अपने AI आधारित स्वास्थ्य एवं MedTech समाधानों का प्रदर्शन चिकित्सकों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों के समक्ष किया। निवेशकों एवं इकोसिस्टम लीडर्स ने अस्पताल नवाचार प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और स्टार्टअप्स के साथ संवाद स्थापित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित “2nd Edition MedTech Regulatory Clinic” में मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन, AI Software as a Medical Device (SaMD), साइबर सुरक्षा, अनुपालन, व्यवसायीकरण एवं वैश्विक नियामकीय प्रक्रियाओं पर विशेषज्ञों द्वारा एक-से-एक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस सत्र को स्टार्टअप्स एवं इनोवेटर्स द्वारा अत्यंत सराहा गया।

इस अवसर पर GIMS ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि AI एवं उभरती स्वास्थ्य तकनीकों के क्षेत्र में क्षमता निर्माण अब संस्थागत जिम्मेदारी बन चुका है तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों को जिम्मेदार AI उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना आवश्यक है।CMI-GIMS के CEO डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि यह आयोजन अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, नियामक संस्थाओं एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत कर भारत के AI एवं MedTech नवाचार इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।देशभर से मिली व्यापक प्रतिक्रिया को देखते हुए आयोजकों द्वारा ऑनलाइन सहभागिता की भी व्यवस्था की गई, जिससे अधिक प्रतिभागियों को कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिला।आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम भारत में जिम्मेदार AI अपनाने, MedTech नवाचार, नियामकीय जागरूकता तथा स्वास्थ्य उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक मंच साबित हुआ।

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