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दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 850 किलो मिठाई नष्ट कराई

दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 850 किलो मिठाई नष्ट कराई

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मिठाई निर्माणशालाओं पर छापेमारी, 7 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए; 

एक इकाई का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू

ग्रेटर नोएडा। आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित मिठाई निर्माणशालाओं पर छापेमारी की। इस दौरान कुल 7 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। वहीं, प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर करीब 400 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए गए तथा 450 किलो बूंदी को सीज किया गया।सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने सेक्टर-121 स्थित गढ़ी चौखंडी में गणेश स्वीट की निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू का नमूना लिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने बिलासपुर, दनकौर स्थित सुंदर सिंह की मिठाई निर्माणशाला से छेना और रसगुल्ले के नमूने लिए। यहां करीब 100 किलो रसगुल्लों में मक्खी-मच्छर पाए जाने और प्रदूषित अवस्था में होने के कारण उन्हें नष्ट कराया गया।

इसी टीम ने सेक्टर-58 के बिशनपुर स्थित सोनू मिठाई निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू का नमूना भी संग्रहित किया। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने सेक्टर-62 के रसूलपुर नवादा स्थित सम्यक मिठाई वाले की निर्माणशाला से रसगुल्ले, बूंदी के लड्डू और बूंदी के नमूने लिए। यहां करीब 450 किलो बूंदी सीज की गई, जबकि लगभग 300 किलो रसगुल्ले में मक्खी-मच्छर पाए जाने और दूषित होने के कारण नष्ट कराए गए।निर्माण इकाई में अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयां बनाए जाने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित इकाई का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही सुधार होने तक कारोबार के संचालन पर रोक लगा दी गई है।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय ने सभी मिठाई कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लाइसेंसधारी एवं पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें और उसका बिल अवश्य रखें। साथ ही निर्माण तिथि और बैच नंबर की जांच के बाद ही खाद्य सामग्री का निर्माण एवं बिक्री करें। उन्होंने बताया कि दीपावली तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जनपदवासियों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।

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