लॉयड बिजनेस स्कूल में एआईसीटीई–वाणी राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का भव्य समापन
लॉयड बिजनेस स्कूल में एआईसीटीई–वाणी राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का भव्य समापन
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत विकास पर देशभर के विद्वानों ने किया मंथन
234 शोध-पत्र प्राप्त, 105 शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण; 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शोधकर्ताओं ने लिया हिस्सा

ग्रेटर नोएडा, 31 अक्टूबर 2026। लॉयड बिजनेस स्कूल, ग्रेटर नोएडा में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की पहल ‘वाणी’ (भारतीय भाषाओं के संवर्धन एवं विकास हेतु जीवंत पहल) के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 30 एवं 31 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय ‘विकसित भारत 2047 के परिप्रेक्ष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरणीय, सामाजिक एवं शासन संबंधी उत्तरदायित्व तथा सतत विकास की उभरती दिशाएं’ रहा।
सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व, सुशासन, आंकड़ा विश्लेषण तथा सतत विकास की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन को देशभर से उत्साहजनक अकादमिक सहभागिता प्राप्त हुई। कुल 234 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 105 शोध-पत्रों को प्रस्तुतीकरण के लिए चयनित किया गया। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और असम सहित 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शोधकर्ताओं ने इसमें भाग लिया। यह सहभागिता सम्मेलन की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अकादमिक प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
पहले दिन विशेषज्ञों ने रखे विचार
सम्मेलन के प्रथम दिन लॉयड ग्रुप की समूह निदेशक डॉ. वंदना अरोड़ा सेठी ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों का स्वागत एवं मार्गदर्शन किया। पीपल्स लैब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुब्रत कुमार ने उद्घाटन संबोधन दिया तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली के गणित विभाग के संकाय सदस्य डॉ. आशुतोष राय ने ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत विकास की कार्यप्रणाली : भविष्य की राह’ विषय पर अपने विचार रखे। एचबीटीआई एवं ई एंड आईसीटी अकादमी के मशीन लर्निंग एवं आंकड़ा विश्लेषण विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल ने ‘सतत विकास और नवाचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ पर व्याख्यान दिया।
चेतक फाउंडेशन एवं माविन (चेतक लॉजिस्टिक्स) के निदेशक एवं कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व तथा पर्यावरणीय, सामाजिक एवं शासन संबंधी विषयों के प्रमुख श्री अरुण अरोड़ा ने सतत परिवहन और आपूर्ति शृंखला के विकास में सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। वहीं, लॉयड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर डॉ. सौमेंद्र मोहंती ने आंकड़ा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और व्यावसायिक निर्णय प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित किया।
दूसरे दिन सतत विकास और उत्तरदायी शासन पर विशेष चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन लॉयड बिजनेस स्कूल के अधिष्ठाता डॉ. रिपुदमन गौर ने स्वागत संबोधन दिया। इसके पश्चात लखनऊ विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मसूद एच. सिद्दीकी ने ‘पर्यावरणीय, सामाजिक एवं शासन संबंधी उत्तरदायित्व का समावेश और उत्तरदायी कॉरपोरेट प्रशासन’ विषय पर अपने विचार साझा किए।
गेल (इंडिया) लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. आशुतोष कर्नाटक ने ‘सतत विकास के लिए स्मार्ट प्रौद्योगिकी और नवाचार’ विषय पर व्याख्यान देते हुए भविष्य की विकास रणनीतियों में तकनीकी नवाचार की भूमिका बताई।
आईबीएम के विषय विशेषज्ञ एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ श्री राहुल बत्रा ने पर्यावरणीय, सामाजिक एवं शासन संबंधी उत्कृष्टता प्राप्त करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर अपने विचार रखे। वहीं, एमआरआईआईआरएस के प्रोफेसर एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. सेंथिल वडिवेल टी. ने ‘शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले परिसर की ओर : कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ऊर्जा परीक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन का आकलन’ विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया।
105 शोध-पत्रों का हुआ प्रस्तुतीकरण
सम्मेलन के दोनों दिनों में शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। शोध प्रस्तुतियों के लिए तीन अलग-अलग सत्र निर्धारित किए गए थे—विजन-101, विजन-102 तथा आईबीएम प्रयोगशाला। इन सत्रों में विभिन्न विषयों पर नवीन शोध, अकादमिक दृष्टिकोण एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए। इससे शोधकर्ताओं को अपने विचार साझा करने तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर मिला।
समापन सत्र में अनुसंधान एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की निदेशक डॉ. वीना ग्रोवर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सम्मेलन की सफलता में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, वक्ताओं, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन की संयोजक डॉ. वीना ग्रोवर तथा सह-संयोजक डॉ. नीतू कामरा रहीं। उनके मार्गदर्शन एवं समन्वय में दो दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सम्मेलन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरणीय एवं सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सतत विकास के विभिन्न आयामों पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का अवसर प्रदान किया। साथ ही, विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत की सामूहिक भूमिका को भी रेखांकित किया।




