325 फीट लंबे भव्य मंच पर सजेगी श्री धार्मिक रामलीला, 100 से अधिक कलाकार करेंगे मंचन, 65 फीट का रावण और 60 फीट का कुंभकरण होगा आकर्षण का केंद्र
325 फीट लंबे भव्य मंच पर सजेगी श्री धार्मिक रामलीला,
100 से अधिक कलाकार करेंगे मंचन, 65 फीट का रावण और 60 फीट का कुंभकरण होगा आकर्षण का केंद्र

ग्रेटर नोएडा। श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से 11 से 20 अक्टूबर तक भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। रामलीला का मंचन प्रतिदिन शाम सात बजे से होगा। इस बार 325 फीट लंबे और 80 फीट चौड़े बहुमंजिला मंच पर 100 से अधिक कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगे। आधुनिक तकनीक, विशाल एलईडी स्क्रीन, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि के संयोजन से दर्शकों को विशेष अनुभव देने की तैयारी है।
कमेटी के अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया कि रामलीला को नई पीढ़ी की रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करने के लिए मंचन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से पारंपरिक पर्दों के स्थान पर विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दृश्यों और ग्राफिक्स का संचालन किया जा रहा है। इस बार इसे और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे दर्शकों को आधुनिक थिएटर जैसा अनुभव मिल सके।उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और चरित्र से जुड़ने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम का जीवन धैर्य, मर्यादा और आदर्शों की प्रेरणा देता है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को इन मूल्यों से परिचित कराना और परिवारों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है।
रामलीला में प्रतिदिन होंगे विशेष प्रसंग
रामलीला के पहले दिन 11 अक्टूबर को गणेश पूजन और शिव-पार्वती विवाह का मंचन होगा। 12 अक्टूबर को नारद मोह लीला, रावण दरबार और देवासुर संग्राम प्रस्तुत किया जाएगा। 13 अक्टूबर को राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला और विद्या अभ्यास के प्रसंग होंगे। 14 अक्टूबर को ताड़का वध, सीता स्वयंवर और राम बारात का मंचन होगा।15 अक्टूबर को कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास और चित्रकूट के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। 16 अक्टूबर को ऋषि मिलन, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु वध का मंचन होगा। 17 अक्टूबर को राम-भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, राम-हनुमान मिलन, किष्किंधा, बाली वध और अशोक वाटिका के प्रसंग दिखाए जाएंगे।18 अक्टूबर को लंका दहन, सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद होगा। 19 अक्टूबर को लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध तथा राम-कुंभकरण और रावण युद्ध के प्रसंग मंचित किए जाएंगे। 20 अक्टूबर को होने वाले समापन कार्यक्रम का विस्तृत विवरण आयोजकों की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है।
65 फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला
दशहरा महोत्सव में रावण का 65 फीट, कुंभकरण का 60 फीट और मेघनाद का 55 फीट ऊंचा पुतला दहन किया जाएगा। इसके साथ भव्य आतिशबाजी भी होगी। मेले में देश की विभिन्न संस्कृतियों के हस्तशिल्प से जुड़े स्टॉल और बड़े झूले आकर्षण का केंद्र रहेंगे।कमेटी के संस्थापक गोस्वामी सुशील जी महाराज को रामलीला के निर्देशन का 60 वर्ष से अधिक का अनुभव है। आयोजकों के अनुसार, उनके मार्गदर्शन और अध्यक्ष आनंद भाटी के नेतृत्व में इस वर्ष आयोजन को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है।इस अवसर पर संस्थापक राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, हरवीर मावी, मुख्य संरक्षक नरेश गुप्ता, संरक्षक सुशील नागर, धीरेंद्र भाटी, धीरज शर्मा, बालकिशन सफीपुर, दिनेश गुप्ता, पवन नागर, मनोज गुप्ता, सतीश भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा बदौली, उमेश गौतम, सत्यवीर मुखिया, रोशनी सिंह, महेश कमांडो, चैन पाल प्रधान, जितेंद्र भाटी, सुभाष भाटी, मनीष डाबर, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद, उपाध्यक्ष फिरे प्रधान, पीपी शर्मा, श्याम सुंदर फौजी, यशपाल नागर, सचिव ज्योति सिंह, गीता सागर, राकेश भाटी, भगवत भाटी, तेज कुमार भाटी, पवन भाटी और वीरपाल मावी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।




