UPITS 2026: इंटरनेशनल ट्रेड शो में 300 विद्यार्थियों ने कला-संस्कृति का दिखाया हुनर
UPITS 2026: इंटरनेशनल ट्रेड शो में 300 विद्यार्थियों ने कला-संस्कृति का दिखाया हुनर

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में रविवार को कला एवं संस्कृति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 28 से अधिक स्कूलों के 300 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर नृत्य-संगीत, चित्रकला और हस्तशिल्प के जरिए अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।जेपी पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा ने सह-नोडल विद्यालय ग्रैड्स इंटरनेशनल स्कूल के साथ मिलकर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने प्रस्तुति कला, दृश्य कला और ‘हाथों की विरासत’ कला एवं शिल्प जैसी तीन विधाओं में भाग लिया।
प्रस्तुति कला में विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत और समूहगान के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं दृश्य कला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कैनवास पर भारतीय संस्कृति और विरासत को रंगों के माध्यम से उकेरा। ‘हाथों की विरासत’ में विद्यार्थियों ने पारंपरिक कला एवं शिल्प को अपने हुनर से नया रूप दिया।प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किए। प्रस्तुति कला के कक्षा 6-8 वर्ग में एस्टर पब्लिक स्कूल की तोशिता प्रथम, श्रीराम मिलेनियम स्कूल की अर्शिया महाजन द्वितीय और ग्रैड्स इंटरनेशनल स्कूल की समूहगान टीम तृतीय रही। कक्षा 9-12 वर्ग में बेथनी कॉन्वेंट स्कूल की युविका एवं चार्वी प्रथम रहीं।
दृश्य कला में कक्षा 6-8 वर्ग में स्पर्श इंटरनेशनल स्कूल की वर्णिका त्यागी प्रथम और कक्षा 9-12 वर्ग में इसी स्कूल की अंशिका शर्मा प्रथम रहीं। ‘हाथों की विरासत’ में कक्षा 6-8 वर्ग में स्पर्श इंटरनेशनल स्कूल की सानवी सिंह प्रथम, जबकि कक्षा 9-12 में जेपी पब्लिक स्कूल के नवदीप तोमर एवं अनिका ने प्रथम स्थान हासिल किया।
आयोजन जेपी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मीता भंडूला और ग्रैड्स इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या अदिति बसु के मार्गदर्शन में हुआ। प्रतियोगिता का समन्वय रितु भटनागर और सुशीला ने किया।निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की मौलिकता, रचनात्मकता, प्रस्तुति कौशल और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समझ की सराहना की। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि आधुनिक दौर में भी नई पीढ़ी अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी हुई है।




