संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने से बचें विपक्ष।अमित चौधरी
संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने से बचें विपक्ष। अमित चौधरी

नई दिल्ली। निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील विषयों पर बयान देने से पहले तथ्यों, आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित संस्थाओं के स्पष्टीकरण को ध्यान में रखना चाहिए।अमित चौधरी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर (SIR) सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रक्रिया और निर्णयों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि आयोग के अनुसार प्रमुख निर्णय सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के संबंध में भी आयोग की ओर से इसे नीतिगत या एसआईआर से संबंधित विषय के बजाय प्रशासनिक मामला बताया गया है।उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 और मतदाता सूची को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम से बचने की जरूरत है। मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित जानकारी आधिकारिक माध्यमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही प्राप्त करनी चाहिए।
अमित चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते समय तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड का सम्मान किया जाना चाहिए। राजनीतिक मतभेदों और चुनावी परिणामों का समाधान संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखें और जनता के बीच तथ्यपरक संवाद को बढ़ावा दें। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय कानून, आधिकारिक दस्तावेजों और न्यायिक निर्णयों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।प्रेस वार्ता के दौरान जिला मीडिया प्रभारी कर्मवीर आर्य, अजय निगम, संदीप सिंघल, हेमंत झा, सत्यपाल शर्मा सहित दर्जनभर कार्यकर्ता मौजूद रहे।




