सरदार पटेल विद्यालय में देशभक्ति के साथ मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस
सरदार पटेल विद्यालय में देशभक्ति के साथ मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस

दनकौर। सरदार पटेल विद्यालय, सेक्टर-25, YEIDA, दनकौर, गौतमबुद्ध नगर में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह, देशभक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के प्रति सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख घटनाओं और उसके महत्व से परिचित कराना रहा।
समारोह के मुख्य अतिथि मेरठ-सहारनपुर डिवीजन के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। विद्यालय प्रबंधन एवं स्टाफ ने उनका स्वागत किया। उनकी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया। श्रीचंद शर्मा उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति और नियम संशोधन समिति के सदस्य होने के साथ-साथ भाजपा उत्तर प्रदेश के शिक्षक प्रकोष्ठ के राज्य समन्वयक भी हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “स्वतंत्रता की प्रमुख घटनाओं और वाकयों की झलक” विषय पर विद्यार्थियों की प्रस्तुति रही। छोटे-छोटे नाटकों और प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं को जीवंत किया। इनमें रौलट एक्ट, जलियांवाला बाग, चौरी-चौरा और भारत छोड़ो आंदोलन प्रमुख रहे।
विद्यार्थियों ने 13 अप्रैल 1919 की जलियांवाला बाग की त्रासदी, रौलट एक्ट के विरोध, 1922 के चौरी-चौरा कांड तथा 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष, साहस और बलिदान की भावना को दर्शाया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत नृत्य प्रस्तुति दी, जिसमें संगीत, लय और उत्साह के माध्यम से राष्ट्र के प्रति प्रेम को खूबसूरती से अभिव्यक्त किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीचंद शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कड़ी मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा, अच्छे संस्कार, देशभक्ति और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को देश के आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
विद्यालय में आयोजित यह समारोह विद्यार्थियों के लिए शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम ने उन्हें स्वतंत्रता के पीछे हुए संघर्ष और बलिदानों को समझने के साथ-साथ एकता, साहस, जिम्मेदारी और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के समापन पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया और मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।




