दनकौर डायट में शिक्षकों को दिया ‘स्पर्धा’ खेल मॉड्यूल का तीन दिवसीय प्रशिक्षण
दनकौर डायट में शिक्षकों को दिया ‘स्पर्धा’ खेल मॉड्यूल का तीन दिवसीय प्रशिक्षण

दनकौर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दनकौर, गौतमबुद्ध नगर में राजकीय एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ‘स्पर्धा’ खेल मॉड्यूल के तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण 28 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित हुआ। उप शिक्षा निदेशक अर्चना गुप्ता की अध्यक्षता में प्रशिक्षण के दौरान खेल मॉड्यूल से जुड़े विभिन्न विषयों का अवलोकन किया गया।प्रशिक्षण में शिक्षकों को विद्यालयों में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। बताया गया कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थी खिलाड़ी बनने के साथ-साथ फिजियोथेरेपिस्ट, खेल शिक्षक, कमेंटेटर, खेल विश्लेषक, खेल संपादक और मीडिया मैनेजर जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।
प्रवक्ता डायट एवं प्रशिक्षण नोडल सुमिता सचान तथा संदर्भदाता हर्ष भसीन, सहायक अध्यापक शारीरिक शिक्षा, एसएलबीएम इंटर कॉलेज धनौरीकलां ने खेल को समग्र दृष्टिकोण से समझाते हुए विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इनमें खेल संस्कृति, खेलों का वर्गीकरण, खेल मैदान की संरचना एवं मापन, खेल प्रबंधन, आयोजन एवं निर्णयन, खेल प्रशिक्षण एवं तकनीक, शारीरिक दक्षता, खेल मनोविज्ञान, खेल चोटों से बचाव एवं प्राथमिक उपचार, खेलों में नैतिकता, डोपिंग, स्वास्थ्य एवं खेल पोषण, प्रतिभा पहचान, समावेशी खेल, खेल योजनाएं एवं पुरस्कार तथा खेलों में करियर जैसे विषय शामिल रहे।शिक्षकों को बताया गया कि खेलों के माध्यम से विज्ञान, इतिहास, रसायन विज्ञान, गणित, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी और स्पोर्ट्स मेडिसिन जैसे विषयों की कक्षाओं को भी अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने एससीईआरटी एवं डायट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षण कार्य के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में यह प्रशिक्षण उपयोगी रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने अपने विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ाने से जुड़ी प्रेरक कहानियां भी साझा कीं।
वरिष्ठ प्रवक्ता अनिल कुमार चौहान ने कहा कि एनईपी-2020 की संकल्पना में शारीरिक शिक्षा विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया गया और ‘स्पर्धा’ प्रशिक्षण के प्रथम बैच के समापन की घोषणा की गई।




