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2014 के बाद भारत ने नीतिगत जड़ता से निकलकर विश्वास, विकास और सुशासन का नया युग स्थापित किया है। गोपाल कृष्ण अग्रवाल

2014 के बाद भारत ने नीतिगत जड़ता से निकलकर विश्वास, विकास और सुशासन का नया युग स्थापित किया है। गोपाल कृष्ण अग्रवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के conviction-आधारित सुधारों ने कल्याणकारी योजनाओं को घोषणाओं से निकालकर लाभार्थियों के द्वार तक पहुँचाया है। गोपाल कृष्ण अग्रवाल

51 लाख करोड़ की DBT व्यवस्था ने भ्रष्टाचार और लीकेज पर निर्णायक प्रहार किया है।: गोपाल कृष्ण अग्रवाल

विकसित भारत 2047 केवल सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक राष्ट्रीय आकांक्षा है। गोपाल कृष्ण अग्रवाल

विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश निभाएगा निर्णायक भूमिका

नोएडा। नोएडा में आयोजित “12 साल नरेंद्र मोदी: विकास के, विश्वास के, जनकल्याण के” तथा “लक्ष्य 2047 : संकल्प से सिद्धि तक, विकसित भारत की ओर” विषयक जिला प्रबुद्ध सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता (आर्थिक विषय) गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए।

अपने संबोधन में अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व देश में यह विश्वास कमजोर पड़ गया था कि भारत अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विश्व में अपना उचित स्थान पुनः प्राप्त कर सकता है। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार, लीकेज और जवाबदेही की कमी के कारण लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाता था।उन्होंने कहा कि 1991 के आर्थिक सुधार परिस्थितियों की मजबूरी में किए गए थे, जबकि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू सुधार स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ इच्छाशक्ति और conviction पर आधारित रहे हैं। इन सुधारों ने शासन व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया है।अग्रवाल ने कहा कि आधार आधारित पहचान प्रणाली तथा Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से ₹51 लाख करोड़ से अधिक की राशि बिना किसी लीकेज के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाई गई है। तकनीक-संचालित प्रशासनिक व्यवस्था ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को भी बढ़ाया है। इसी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।उन्होंने “Push Model of Governance” का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सरकार स्वयं पात्र लाभार्थियों तक पहुँच रही है। आकांक्षी जिलों में प्रशासन को योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की जवाबदेही दी गई है।देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में 74 हवाई अड्डे थे, जो आज 150 से अधिक हो चुके हैं। मेट्रो नेटवर्क 5 शहरों से बढ़कर 50 से अधिक शहरों तक पहुँच गया है। रक्षा निर्यात ₹700 करोड़ से बढ़कर ₹23,000 करोड़ से अधिक हो गया है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गति 11 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 35 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है।उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा, एथेनॉल मिश्रण, रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पिछले वर्ष सार्वजनिक उपक्रमों से केंद्र सरकार को लगभग ₹4 लाख करोड़ का लाभांश प्राप्त हुआ, जो आर्थिक सुदृढ़ता का प्रमाण है।

उत्तर प्रदेश की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर आधारभूत संरचना, कुशल श्रमशक्ति और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा , राज्य सरकार के मंत्री बृजेश सिंह , राज्यसभा सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी , राज्यसभा के पूर्व सांसद कांता कर्दम ,राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण,एनईए के अध्यक्ष विपिन मल्हन , वरिष्ठ नेता नवाब सिंह नागर , नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान सहित अनेक प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।लक्ष्मीकांत बाजपेयी जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का नया अध्याय लिखा है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन का अभियान बताते हुए समाज के सभी वर्गों से इसमें सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

वरिष्ठ नेता नवाब सिंह नागर ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज विकास, निवेश और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है, जिससे विकसित भारत के लक्ष्य को नई गति मिली है।विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही प्राप्त होगा। उपस्थित प्रबुद्धजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण हेतु अपने योगदान का संकल्प व्यक्त किया।

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