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79 देशों की भागीदारी वाली प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में गलगोटिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने जीते 5 स्वर्ण पदक

79 देशों की भागीदारी वाली प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में गलगोटिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने जीते 5 स्वर्ण पदक

ग्रेटर नोएडा।गलगोटियास विश्वविद्यालय के छात्रों ने अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 स्वर्ण पदक अपने नाम किए।इस उद्घाटन चैंपियनशिप में 79 देशों के 522 खिलाड़ियों ने विभिन्न योगासन डिसिप्लिनऔर आयु वर्गों में भाग लिया। योगासन भारत, वर्ल्ड योगासन और भारतीय ओलंपिक संघ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी योगासन मंच साबित हुई।भारत ने कुल 114 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल रहे।भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गलगोटिया विश्वविद्यालय के प्रथम वर्ष के छात्रों ने कलात्मक, पारंपरिक और व्यक्तिगत श्रेणियों में पदक जीते।बीए इकोनॉमिक्स की प्रथम वर्ष की छात्रा ऋतु मंडल ने पारंपरिक व्यक्तिगत और पारंपरिक समूह श्रेणियों में स्वर्ण पदक हासिल किए। बीए इंग्लिश की प्रथम वर्ष की छात्रा रिया ने सीनियर वर्ग की सुपाइन इंडिविजुअल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, जूनियर वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रही बीए इंग्लिश की प्रथम वर्ष की छात्रा दीपा लोधी ने आर्टिस्टिक पेयर और आर्टिस्टिक ग्रुप श्रेणियों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

चैंपियनशिप में पारंपरिक योगासन, आर्टिस्टिक सिंगल, आर्टिस्टिक पेयर, आर्टिस्टिक ग्रुप, रिदमिक पेयर तथा विशेष लचीलापन और संतुलन आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “79 देशों के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने वाली चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करना उच्च स्तर की तैयारी, निरंतरता और अनुशासन की मांग करता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच हमारे छात्रों द्वारा 5 स्वर्ण पदक जीतना न केवल उनके लिए बल्कि भारतीय योगासन के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”दीपा लोधी ने कहा, “इस चैंपियनशिप का स्तर मेरे पिछले अनुभवों से बिल्कुल अलग था। अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से मुझे वैश्विक स्तर पर आवश्यक तैयारी और कौशल की बेहतर समझ मिली।”

रिया ने कहा, “प्रतियोगिता का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि हर श्रेणी में मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी मौजूद थे। यहां जीत ने मुझे भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक आत्मविश्वास दिया है।”

ऋतु मंडल ने कहा, “इस आयोजन ने दिखाया कि योगासन दुनिया भर में कितनी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। एक खिलाड़ी के रूप में यह हमारे लिए उस विधा में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गर्वपूर्ण अवसर था, जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई है।”यह उपलब्धि खेल, नवाचार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी और वैश्विक शैक्षणिक प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गलगोटियास विश्वविद्यालय की बढ़ती उपस्थिति को और मजबूत करती है, जहां उसके छात्र दुनिया के अग्रणी संस्थानों और देशों के प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

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