एनआईईटी ग्रेटर नोएडा को मिली प्रतिष्ठित डायमंड रेटिंग, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बढ़ाया मान
एनआईईटी ग्रेटर नोएडा को मिली प्रतिष्ठित डायमंड रेटिंग, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बढ़ाया मान

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी), ग्रेटर नोएडा ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को क्यूएस आई-गेज भारतीय महाविद्यालय रेटिंग के अंतर्गत प्रतिष्ठित डायमंड रेटिंग प्रदान की गई है। संस्थान ने समग्र मूल्यांकन में 1,073 अंक प्राप्त कर शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और संस्थागत विकास के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता प्रदर्शित की है।मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान एनआईईटी ने शिक्षण एवं अध्ययन, सामाजिक उत्तरदायित्व, प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक विकास जैसे प्रमुख मानकों पर शानदार प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डायमंड रेटिंग मिलना पूरे एनआईईटी परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह सम्मान शिक्षकों के मार्गदर्शन, कर्मचारियों के सहयोग और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। संस्थान का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाए, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकें।
क्यूएस आई-गेज भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रदर्शन का विभिन्न निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन करता है। इसकी रेटिंग विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों को संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता तथा उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सहायता करती है।
एनआईईटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और उद्योगोन्मुखी अध्ययन के लिए जाना जाता है। संस्थान को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा 3.23 अंक के साथ ए श्रेणी की मान्यता प्राप्त है। इसके कई शैक्षणिक पाठ्यक्रम राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। साथ ही, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने संस्थान को स्वायत्तता का दर्जा भी प्रदान किया है।
रोजगार के अवसरों में भी संस्थान की उपलब्धि उल्लेखनीय रही है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान संस्थान में 3,100 से अधिक रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस अवधि में विद्यार्थियों को सर्वाधिक 44 लाख रुपये वार्षिक का वेतन प्रस्ताव मिला, जबकि औसत वार्षिक वेतन प्रस्ताव 6 लाख रुपये रहा।संस्थान व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार और उद्योग जगत के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों तथा बदलती व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। डायमंड रेटिंग की उपलब्धि से संस्थान की शैक्षणिक पहचान को और मजबूती मिली है।




