सेंट कैरेन्स स्कूल में मनाया गया ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’, विद्यार्थियों ने सीखे सेवा और सहयोग के संस्कार
सेंट कैरेन्स स्कूल में मनाया गया ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’, विद्यार्थियों ने सीखे सेवा और सहयोग के संस्कार
जरूरतमंद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पहुंचाई मदद, सामाजिक संस्थाओं ने किया सम्मानित

ग्रेटर नोएडा। सेंट कैरेन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्रेटर नोएडा में 5 से 9 अक्टूबर तक ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने दान अभियान, भोजन साझा करने और सामाजिक सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर दया, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। सप्ताह भर विद्यार्थियों ने जरूरतमंदों के लिए आवश्यक वस्तुएं एकत्रित कीं और स्कूल में भोजन साझा करने की गतिविधि के माध्यम से आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया। विद्यार्थियों को प्रेरणादायक वीडियो भी दिखाए गए।
7 अक्टूबर को विद्यालय में ‘जॉय ऑफ गिविंग’ विषय पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें विकास विश्रांति से आए जरूरतमंद बच्चों ने हिस्सा लिया। उनके साथ रवि और सुनैना भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रार्थना, विषय आधारित लघु नाटिका, कविता पाठ और संबोधन प्रस्तुत किए गए। इसके बाद बच्चों के लिए हस्तकला कार्यशाला, नृत्य सत्र और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अतिथि बच्चों को उपहार दिए और उनके लिए जलपान की व्यवस्था भी की।
सामाजिक सेवा की इसी कड़ी में विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने रामलाल वृद्धाश्रम, स्थानीय गोशाला और एटूजेड फाउंडेशन का दौरा किया। उन्होंने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें अपने हाथों से बनाए गए शुभकामना कार्ड भेंट किए। इस दौरान एकत्रित दान सामग्री वितरित की गई। विद्यालय के कर्मचारियों ने भी विशेष आर्थिक सहयोग देकर इस पहल में योगदान दिया।
विद्यालय के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए रामलाल वृद्धाश्रम की ओर से ‘सेवा शिरोमणि सम्मान’ और एटूजेड फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सप्ताह के समापन पर विद्यालय में सहयोगी कर्मचारियों और वाहन चालकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए विशेष सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्हें उपहार देकर उनके योगदान का सम्मान किया गया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा भाव जैसे जीवन मूल्यों से जोड़ना था। गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समझा कि जरूरतमंदों की सहायता और दूसरों के प्रति दयालु व्यवहार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




