द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज में प्रभावी शिक्षण एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर अतिथि व्याख्यान
द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज में प्रभावी शिक्षण एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर अतिथि व्याख्यान

दनकौर। द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज, दनकौर में शिक्षक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में “प्रभावी शिक्षण एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के सचिव रजनीकान्त अग्रवाल एवं प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता शिक्षक शिक्षा विभाग एवं वी.एम.एल.जी. कॉलेज, गाजियाबाद की पूर्व प्राचार्य डॉ. अमिता सोलंकी रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रभावी शिक्षण की अवधारणा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. अमिता सोलंकी ने कहा कि प्रभावी शिक्षण का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के लिए केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरक और आदर्श भी होते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को संवाद कौशल, भावनात्मक समझ, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने, निरंतर सीखने तथा असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं शिक्षक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि जहाँ रहीं। उपप्राचार्या एवं गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल संचालन में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन में मुख्य वक्ता, महाविद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, आयोजन समिति, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. राजीव पांडे ने प्रभावशाली ढंग से किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. कोकिल अग्रवाल, डॉ. सूर्यप्रकाश राघव एवं डॉ. प्रशांत कनौजिया का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने शिक्षण, व्यक्तित्व विकास, रोजगार एवं जीवन कौशल से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. अमिता सोलंकी ने व्यावहारिक एवं उपयोगी सुझावों के साथ समाधान किया।
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व एवं क्षमताओं को निखारने तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।




