शारदा विश्वविद्यालय में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
शारदा विश्वविद्यालय में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कारीगरों को उद्यमिता, विपणन, ब्रांडिंग, डिजिटल तकनीक, वित्तीय सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और बाजार के नए अवसरों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (एमएसएमई -डीएफओ ), ओखला, नई दिल्ली द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से किया गया। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक लाभार्थियों ने भाग लिया।कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लाभार्थियों को आधुनिक व्यावसायिक प्रक्रियाओं, उत्पाद की ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल मंच, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), वित्तीय साक्षरता, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही Meesho पर पंजीकरण, पांच क्यूआर कोड तैयार करने तथा दो लाभार्थियों को ऋण वितरण पत्र सौंपने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए गए। इससे कारीगरों को डिजिटल एवं औपचारिक वित्तीय सेवाओं से जुड़ने तथा अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार तलाशने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. आर. के. भार्ट, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष, एमएसएमई -डीएफओ , नई दिल्ली के स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन से हुआ। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के उद्देश्यों और लाभार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ब्रांडिंग, उत्पाद की बाजार में स्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति और बदलते बाजार रुझानों की जानकारी दी। साथ ही वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर लाभार्थियों से संवाद किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए डॉ. भुवनेश कुमार, डीन रिसर्च, शारदा विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया गया। वहीं डॉ. मोहित साहनी, एसोसिएट डीन रिसर्च, शारदा विश्वविद्यालय ने लाभार्थियों को ट्रेडमार्क पंजीकरण के लाभों की जानकारी दी और कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उनका मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम में डी. एस. तोमर, उप निदेशक, एमएसएमई -डीएफओ , ओखला, श्रीवास्तव, डीआईसी , आनंद यादव, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी ), राजेश कश्यप, वीणा सिंह, शारदा अवस्थी, विनोद कुमार, दीपांशु अग्रवाल, GeM, राहुल तिरपुड़े तथा डॉ. शशांक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल मंच, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




