AROHAN 2026 में जिम्स के 13 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स का प्रदर्शन, निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश गुप्ता रहे उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि, डॉ. राहुल सिंह ने स्वास्थ्य नवाचार पर दिया विशेष व्याख्यान
AROHAN 2026 में जिम्स के 13 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स का प्रदर्शन, निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश गुप्ता रहे उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि, डॉ. राहुल सिंह ने स्वास्थ्य नवाचार पर दिया विशेष व्याख्यान

ग्रेटर नोएडा |गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, ग्रेटर नोएडा ने AROHAN 2026 में अपने सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई ) द्वारा इनक्यूबेट किए जा रहे 13 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स का प्रदर्शन कर चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। 23 से 25 जुलाई तक आयोजित इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं वेटरनरी संस्थानों के छात्र, चिकित्सक एवं संकाय सदस्य शामिल हुए।23 जुलाई को आयोजित उद्घाटन समारोह में गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (जिम्स ), ग्रेटर नोएडा के निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा छात्रों और युवा चिकित्सकों को देश की स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान हेतु स्वदेशी तकनीकों के विकास के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई ), जिम्स द्वारा चिकित्सा उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ, डायग्नोस्टिक्स, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा अन्य अत्याधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों पर कार्य कर रहे 13 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स का प्रदर्शन किया गया। इन नवाचारों को प्रतिभागियों, चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा काफी सराहा गया।24 जुलाई को सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई ), जिम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ ) डॉ. राहुल सिंह ने “हेल्थकेयर इनोवेशन” विषय पर एक विशेष सत्र को संबोधित किया। इस सत्र में उत्तर प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए मेडिकल छात्रों, इंटर्न, संकाय सदस्यों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लिया।अपने व्याख्यान में डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि भविष्य के चिकित्सा संस्थान केवल उपचार और शिक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उन्होंने सीएमआई -जिम्स की यात्रा, मेडिकल स्टार्टअप्स को प्रदान की जाने वाली क्लिनिकल मेंटरशिप, क्लिनिकल वैलिडेशन, नियामकीय मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा (आईपी ) सहायता तथा उद्योग सहयोग की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे वास्तविक क्लिनिकल समस्याओं की पहचान कर उन्हें किफायती एवं प्रभावी स्वास्थ्य तकनीकों में परिवर्तित करें।जिम्स के प्रतिनिधिमंडल में डॉ. विनय (संकाय सदस्य), डॉ. निर्देश (संकाय सदस्य) तथा जिम्स के एमबीबीएस इंटर्न्स भी शामिल रहे। सभी ने प्रदर्शनी, वैज्ञानिक सत्रों एवं स्टार्टअप इंटरैक्शन में सक्रिय भागीदारी करते हुए चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।दिन का समापन ब्लॉकचेन for इंपैक्ट के सीईओ के साथ जिम्स के 13 स्टार्टअप्स की एक विशेष राउंडटेबल चर्चा के साथ हुआ। इस संवाद में हेल्थकेयर स्टार्टअप्स के लिए निवेश, रणनीतिक साझेदारी, मेंटरशिप, वैश्विक सहयोग तथा तकनीकों के व्यावसायीकरण की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए तथा भविष्य में सहयोग एवं विस्तार के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। AROHAN 2026 में जिम्स की सहभागिता संस्थान की चिकित्सा नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप संस्कृति एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई ), जिम्स देश में चिकित्सक-नवप्रवर्तकों (क्लिनिशन इनोवेटर्स ) और स्वास्थ्य उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।




