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एनआईईटी ग्रेटर नोएडा में कैपजेमिनी कोड एक्सपीरियंस सेंटर की हुई शुरुआत, उद्योग और शिक्षा जगत के गठबंधन को मिली नई दिशा

एनआईईटी ग्रेटर नोएडा में कैपजेमिनी कोड एक्सपीरियंस सेंटर की हुई शुरुआत, उद्योग और शिक्षा जगत के गठबंधन को मिली नई दिशा

ग्रेटर नोएडा। एनआईईटी ग्रेटर नोएडा ने उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल और रोजगारपरक प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कैपजेमिनी के सहयोग से अपने परिसर में कोड एक्सपीरियंस सेंटर की शुरुआत की है। यह केंद्र उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को अनुभव आधारित शिक्षा, नवाचार और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रभावी मंच प्रदान करेगा।कोड एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में मिलने वाली शिक्षा के साथ वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों और तकनीकी चुनौतियों का अनुभव प्राप्त होगा। केंद्र में उभरती तकनीकों, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कार्यप्रणालियों से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा, जिससे वे उद्योग और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तैयार हो सकें।इस अवसर पर कैपजेमिनी इंडिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष बालासुब्रमण्यम नटराजन ने कहा कि कोड एक्सपीरियंस सेंटर विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान का अवसर देगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से नवाचार, तकनीकी दक्षता और निरंतर सीखने का वातावरण तैयार होगा, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल पेशेवर विकसित किए जा सकेंगे।एनआईईटी की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक डॉ. नीमा अग्रवाल ने कहा कि कैपजेमिनी के सहयोग से स्थापित यह केंद्र विद्यार्थियों को परिसर में ही औद्योगिक वातावरण और वास्तविक कार्य परिस्थितियों से रूबरू कराएगा। अनुभव आधारित शिक्षा, मार्गदर्शन और नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग जगत की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।कार्यक्रम में कैपजेमिनी इंडिया के यशोवर्धन सोवाले, पुनीत कूमरा, अमित खुराना और सुमन भट्टाचार्य तथा एनआईईटी के प्रबंध निदेशक डॉ. ओपी अग्रवाल, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक डॉ. नीमा अग्रवाल और निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे सहित उद्योग और शिक्षा जगत से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कोड एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से तकनीक आधारित प्रशिक्षण, कार्यशालाएं, मार्गदर्शन सत्र, सहयोगात्मक परियोजनाएं, शिक्षकों के विकास कार्यक्रम और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। यह पहल विद्यार्थियों को तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और वास्तविक समस्याओं के समाधान का अनुभव प्रदान करते हुए उन्हें उद्योग जगत के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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